हूती हमले के बाद मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट, फुटेज में देंखे सऊदी अरब में लोगों को घरों में रहने की सलाह
मक्का में जारी अलर्ट के दौरान लोगों से ऊंची इमारतों से दूर रहने की अपील की गई। लोगों को सलाह दी गई कि वे खुले स्थानों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और ऐसी जगहों पर जाने से बचें जहां किसी संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षित स्थान तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। कुछ देर बाद सऊदी सिविल डिफेंस ने जानकारी दी कि तत्काल खतरा टल गया है। हालांकि, इसके बावजूद लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
सिविल डिफेंस ने लोगों से किसी भी घटना की वीडियो या फोटो नहीं बनाने की भी अपील की। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि संवेदनशील परिस्थितियों में घटनास्थल की तस्वीरें या वीडियो साझा करने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। लोगों को भीड़ से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध या असामान्य स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
मक्का से पहले मंगलवार सुबह जेद्दा और ताइफ में भी इसी तरह के इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए थे। इन दोनों शहरों में भी कुछ समय बाद अलर्ट वापस ले लिया गया। मक्का, जेद्दा और ताइफ में जारी सुरक्षा चेतावनियों में लोगों से भीड़ और खुले इलाकों में जाने से बचने को कहा गया। साथ ही नागरिकों से शांत रहने और खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की अपील की गई।
सऊदी अधिकारियों की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों में लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खिड़कियों, बालकनी, छत, कांच और खुले स्थानों से दूर रहने को कहा गया है। लोगों को संभावित विस्फोट या मलबे से होने वाले नुकसान से बचने के लिए घर के अपेक्षाकृत सुरक्षित हिस्से में रहने की सलाह दी गई।जो लोग घटना के समय घर से बाहर हों, उन्हें तुरंत किसी नजदीकी इमारत के अंदर जाने या किसी मजबूत संरचना की आड़ लेने को कहा गया। सुरक्षा निर्देशों में यह भी कहा गया कि खतरा पूरी तरह टलने तक सुरक्षित स्थान से बाहर न निकलें।
हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब पर किए गए हमलों के बाद मक्का जैसे धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में इमरजेंसी अलर्ट जारी होना सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक तत्काल खतरा टल चुका था, लेकिन अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील जारी रखी। मंगलवार को जारी अलर्ट और उसके बाद वापस लिए जाने से साफ है कि सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित चेतावनी व्यवस्था के जरिए लोगों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही हैं।

