ED की बड़ी कार्रवाई: मोहम्मद इकबाल घोषित भगोड़ा आर्थिक अपराधी, तीन चीनी मिलें जब्त
आर्थिक अपराधों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए Mohammad Iqbal को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करवा दिया है। 31 मार्च 2026 को आए इस फैसले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ा आदेश जारी किया।
यह फैसला फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट (FEOA) के तहत सुनाया गया, जिसके तहत लंबे समय से फरार चल रहे आर्थिक अपराधियों पर कार्रवाई की जाती है। मामले की सुनवाई कर रहे जज Rahul Prakash ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि आरोपी कानून से बचने के लिए देश से बाहर रह रहा है, इसलिए उसे भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया जाना उचित है।
कोर्ट ने अपने आदेश में मोहम्मद इकबाल से जुड़ी तीन बड़ी चीनी मिलों को जब्त करने का भी निर्देश दिया है। यह संपत्तियां अब सरकारी नियंत्रण में आ जाएंगी। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
ED की जांच में सामने आया था कि आरोपी पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप हैं। लंबे समय से जांच एजेंसियां उसके खिलाफ सबूत जुटा रही थीं। आरोपी के विदेश में होने की वजह से जांच में कई चुनौतियां भी सामने आईं, लेकिन आखिरकार अदालत के इस फैसले के बाद मामले में बड़ा मोड़ आ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में संपत्तियों की जब्ती से आर्थिक अपराधियों पर दबाव बढ़ता है और उन्हें कानून के सामने पेश होने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
इस कार्रवाई को ED की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया है कि आर्थिक अपराध कर देश से भागने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल, जांच एजेंसियां इस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं और जब्त की गई संपत्तियों का मूल्यांकन भी किया जा रहा है। आने वाले समय में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

