उत्तर भारत के बड़े फर्जी डिग्री रैकेट की जांच करेगा ईडी, मनी लांड्रिंग का होगा केस
एसटीएफ द्वारा मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री रैकेट का भंडाफोड़ करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी हरकत में आ गया है। ईडी की खुफिया शाखा छह राज्यों में चल रहे उत्तर भारत के सबसे बड़े फर्जी डिग्री रैकेट की जांच शुरू करने के लिए जानकारी जुटा रही है। हापुड़ स्थित मोनाड यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा समेत सभी 11 आरोपियों के खिलाफ जल्द ही धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
आपको बता दें कि एसटीएफ की जांच में पता चला है कि यूपी के साथ ही बिहार, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और राजस्थान के करीब 15 विश्वविद्यालयों में यह रैकेट सक्रिय था, जिसे हरियाणा के पलवल निवासी संदीप सहरावत चलाता था। इस रैकेट ने नौकरी और पढ़ाई के लिए विदेश गए करीब 10,000 लोगों को फर्जी डिग्री और मार्कशीट मुहैया कराई। एसटीएफ इन सभी लोगों का ब्योरा भी जुटा रही है। उधर, एसटीएफ विश्वविद्यालय के अन्य कर्मचारियों और छात्रों के बयान भी दर्ज करने की तैयारी कर रही है। इस रैकेट के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए सभी आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन को भी फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
विशेष सावधानियां बरती जाएंगी।
आपको बता दें कि फर्जी डिग्री रैकेट में गिरफ्तार विजेंदर सिंह हुड्डा बाइक बोट घोटाले में भी आरोपी हैं। बाइक बोट घोटाले की जांच ईडी के लखनऊ कार्यालय द्वारा की जा रही थी, जिसे आरोपियों को बचाने के लिए कुछ अधिकारियों के सक्रिय दलालों के साथ संलिप्तता की शिकायतों के बाद दिल्ली मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था। ईडी ने नोएडा से एक दलाल को गिरफ्तार किया, जिसके बाद आरोपियों से पैसे लेकर उन्हें क्लीन चिट देने का घोटाला उजागर हुआ। इस कारण फर्जी डिग्री रैकेट की जांच में बहुत सावधानी और सतर्कता बरती जाएगी।

