यूपी के गोंडा जिले के एक क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे आसपास के लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की घटना सुबह 7 बजकर 36 मिनट पर हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि झटके अचानक महसूस हुए और कुछ सेकंड तक जारी रहे। कई लोग भयभीत होकर अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घरों से बाहर निकले। हालांकि, अब तक किसी प्रकार के मानवीय या भौतिक नुकसान की खबर नहीं है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, गोंडा का यह क्षेत्र भूकंप का केंद्र था। भूकंप की तीव्रता 3.7 रिक्टर स्केल पर मापी गई और इसका केंद्र लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी तीव्रता का भूकंप हल्का माना जाता है, लेकिन इसके झटके कई किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए।
भूकंप विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील हैं। हल्के झटके सामान्य रूप से आते रहते हैं और इसमें गंभीर नुकसान की संभावना कम होती है। उन्होंने चेताया कि भूकंप के बाद हल्की कम्पन या छोटे झटके महसूस हो सकते हैं, इसलिए लोगों को सतर्क और सावधान रहना चाहिए।
आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने कहा कि लोगों को खुले स्थानों पर रहना और भारी या ऊंची वस्तुओं के पास न खड़ा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भूकंप के समय मजबूत दीवारों या खुले मैदानों में रहना सुरक्षित है।
स्थानीय प्रशासन ने गोंडा और आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस और आपदा प्रबंधन टीमें पूरे क्षेत्र में निगरानी कर रही हैं और लोगों को आवश्यक निर्देश दे रही हैं। नागरिकों को सलाह दी गई है कि किसी भी संभावित नुकसान या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
स्थानीय लोगों ने बताया कि झटकों के दौरान कुछ छोटे-छोटे फर्नीचर और सामान हिले, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। प्रशासन ने कहा कि यह सामान्य हल्के झटके थे और घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन भविष्य के लिए सतर्कता आवश्यक है।
इस घटना ने यह स्पष्ट किया है कि गोंडा और आसपास के क्षेत्र भूकंप के प्रति संवेदनशील हैं और सतर्कता और तैयारी हर समय बनाए रखनी चाहिए। हल्के झटकों के बावजूद प्रशासन और नागरिकों की सुरक्षा और जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

