Samachar Nama
×

द्वारका स्कॉर्पियो हादसा: मां ने नाबालिग के पिता की माफी ठुकराई, समाज से चेतावनी दी

द्वारका स्कॉर्पियो हादसा: मां ने नाबालिग के पिता की माफी ठुकराई, समाज से चेतावनी दी

द्वारका में हुए भयानक स्कॉर्पियो हादसे में अपने बेटे साहिल को खोने वाली मां इन्ना माकन ने आरोपी नाबालिग के पिता द्वारा व्यक्त की गई माफी को ठुकरा दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिर्फ ‘सॉरी’ कहने से उनका बेटा वापस नहीं आएगा और न्याय के बिना उन्हें संतोष नहीं मिलेगा।

इन्ना माकन ने इस दुखद घटना को समाज के लिए सावधानी और चेतावनी का सबक बताया। उन्होंने कहा कि नाबालिगों को वाहन देने से बचें, क्योंकि किसी की एक गलती पूरे परिवार के जीवन को उजाड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका बेटा साहिल एक उज्ज्वल भविष्य के सपनों के साथ अपनी ज़िंदगी जी रहा था, लेकिन लापरवाही के कारण उसका जीवन अकाल मृत्यु के साथ समाप्त हो गया।

इस हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी नाबालिग के पिता के खिलाफ लापरवाही और मोटर वाहन अधिनियम (MVA) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला न केवल व्यक्तिगत नुकसान, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी गंभीर है। पुलिस अब पूरी जांच कर रही है कि कैसे नाबालिग वाहन चला रहा था और किस प्रकार की सुरक्षा लापरवाही इस हादसे में शामिल रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों को वाहन देने की अनुमति देना गंभीर सुरक्षा उल्लंघन है। उन्होंने अभिभावकों और समाज से अपील की कि वे बच्चों को सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति न दें और इस मामले को अनुशासन और सुरक्षा शिक्षा का सबक बनाएं।

स्थानीय लोग भी इस हादसे से हतप्रभ हैं। कई लोग सड़क सुरक्षा और नाबालिगों को वाहन देने के खतरे पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना समाज के लिए सतर्कता का संदेश है कि बच्चों को बिना प्रशिक्षण या अनुमति के वाहन नहीं चलाने दिया जाए।

इन्ना माकन ने मीडिया से कहा कि वह न्याय के लिए लड़ाई जारी रखेंगी। उनका कहना था कि उनके बेटे की कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी और उन्होंने समाज से अपील की कि इस तरह की लापरवाही से बचने के लिए सबको जागरूक किया जाए।

पुलिस ने बताया कि नाबालिग के पिता के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद मामले की विस्तृत जांच और कोर्ट में कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

कुल मिलाकर, द्वारका का यह स्कॉर्पियो हादसा न केवल एक व्यक्तिगत दुखद घटना है, बल्कि पूरे समाज के लिए सड़क सुरक्षा और नाबालिगों की जिम्मेदारी पर चेतावनी भी बन गया है। इन्ना माकन की अपील और नाबालिग के पिता की लापरवाही पर दर्ज कार्रवाई यह संदेश देती है कि सुरक्षा, जागरूकता और जिम्मेदारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

Share this story

Tags