श्रावस्ती में 101 थालों से कन्याओं ने की मां दुर्गा की महाआरती, महाअष्टमी पर गूंजे दुर्गा पंडाल
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी के अवसर पर दुर्गा पंडालों में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर कन्याओं ने 101 थालों से मां दुर्गा की महाआरती की। महाअष्टमी पर मां महागौरी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक आयोजन के दौरान दुर्गा पंडालों में जयकारे गूंजे और श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
101 थालों से की गई महाआरती
महाअष्टमी के अवसर पर आयोजित महाआरती कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहा। कन्याओं ने 101 थालों के साथ मां दुर्गा की आरती की। इस दौरान श्रद्धा और भक्ति के साथ धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया। आरती के समय पंडालों में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। अष्टमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करते हैं और पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।
महाअष्टमी पर मां महागौरी की पूजा
शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां महागौरी शांति, पवित्रता और सौभाग्य की प्रतीक हैं। भक्त इस दिन विधि-विधान से पूजा करके माता का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
महाअष्टमी के अवसर पर कई घरों और मंदिरों में कन्या पूजन भी किया जाता है। इसमें कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता है और भोजन कराकर उपहार दिए जाते हैं।
दुर्गा पंडालों में गूंजे जयकारे
श्रावस्ती में महाअष्टमी के आयोजन के दौरान दुर्गा पंडालों में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। मां दुर्गा की आरती और पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालुओं ने माता रानी के जयकारे लगाए। नवरात्रि के इन दिनों में धार्मिक आयोजन लोगों को आस्था और परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं।
महाअष्टमी के साथ नवरात्रि का महत्वपूर्ण चरण पूरा होता है। इसके बाद महानवमी पर भी मां दुर्गा की पूजा, हवन और कन्या पूजन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
श्रावस्ती में 101 थालों से कन्याओं द्वारा की गई महाआरती ने महाअष्टमी के आयोजन को विशेष बना दिया। हालांकि, आयोजन स्थल, आयोजक समिति और कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं की संख्या की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

