Samachar Nama
×

सत्ता के हर समीकरण में फिट बैठे डॉ. संतोष सुमन, बिहार में पांचवीं बार बने मंत्री

सत्ता के हर समीकरण में फिट बैठे डॉ. संतोष सुमन, बिहार में पांचवीं बार बने मंत्री

Santosh Kumar Suman ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए पांचवीं बार मंत्री पद की शपथ ली है। लगातार बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच भी सत्ता में अपनी प्रभावशाली मौजूदगी बनाए रखने वाले डॉ. संतोष सुमन को बिहार की राजनीति का ऐसा चेहरा माना जा रहा है, जो लगभग हर राजनीतिक परिस्थिति में खुद को फिट साबित करने में सफल रहे हैं।

डॉ. संतोष सुमन की राजनीतिक यात्रा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से उभरी है। वे हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं और पार्टी के संस्थापक तथा पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे हैं। हालांकि उनकी पहचान केवल पारिवारिक राजनीतिक विरासत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने खुद भी संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संतोष सुमन की सबसे बड़ी ताकत उनकी राजनीतिक लचीलापन और सत्ता समीकरणों को समझने की क्षमता रही है। बिहार की राजनीति में गठबंधन और समीकरण तेजी से बदलते रहे हैं, लेकिन वे लगभग हर दौर में सरकार का हिस्सा बनने में सफल रहे। यही वजह है कि उन्हें “हर समीकरण में फिट” नेता कहा जा रहा है।

शिक्षा की बात करें तो डॉ. संतोष सुमन उच्च शिक्षित नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अकादमिक क्षेत्र से राजनीति में कदम रखा और अपनी अलग कार्यशैली के कारण पहचान बनाई। राजनीति में आने के बाद उन्होंने संगठन को मजबूत करने और दलित-पिछड़े वर्गों के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने का प्रयास किया।

पांचवीं बार मंत्री बनने के बाद समर्थकों में उत्साह का माहौल है। बिहार के कई इलाकों में कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। समर्थकों का कहना है कि संतोष सुमन का लगातार मंत्री बनना उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।

वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार की राजनीति में छोटे दलों की भूमिका सत्ता गठन में अहम हो गई है और संतोष सुमन इसी राजनीतिक स्थिति का लाभ उठाने में सफल रहे हैं। हालांकि उनके समर्थक इसे राजनीतिक समझदारी और रणनीतिक कौशल बताते हैं।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बिहार की गठबंधन राजनीति में ऐसे नेताओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है, जिनकी संख्या भले कम हो लेकिन समर्थन निर्णायक हो। संतोष सुमन इसी श्रेणी के नेताओं में शामिल माने जाते हैं।

मंत्री पद की शपथ लेने के बाद उन्होंने कहा कि जनता और पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर वे पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने विकास, सामाजिक न्याय और गरीब वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता देने की बात कही।

सोशल मीडिया पर भी उनके पांचवीं बार मंत्री बनने को लेकर चर्चा तेज है। कई लोग इसे उनकी राजनीतिक रणनीति की सफलता बता रहे हैं, तो कुछ इसे बिहार की गठबंधन राजनीति का परिणाम मान रहे हैं।

फिलहाल डॉ. संतोष सुमन एक बार फिर बिहार सरकार का हिस्सा बन चुके हैं और अब सबकी नजर उनके कामकाज और आगामी राजनीतिक भूमिका पर टिकी हुई है।

Share this story

Tags