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गोरखपुर रैली में भावुक हुए डॉ. संजय निषाद, मंच पर फूट-फूटकर रोए, 2027 चुनाव को लेकर दिया संदेश

गोरखपुर रैली में भावुक हुए डॉ. संजय निषाद, मंच पर फूट-फूटकर रोए, 2027 चुनाव को लेकर दिया संदेश

उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार को एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित विशाल रैली के दौरान निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद मंच पर फूट-फूटकर रो पड़े। इस दौरान सभा में मौजूद लोग भी भावुक हो गए और कुछ देर के लिए माहौल पूरी तरह गंभीर हो गया।

यह रैली आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। मंच से संबोधन के दौरान डॉ. संजय निषाद अचानक भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए। उनका यह भावुक पल रैली में चर्चा का केंद्र बन गया।

अपने संबोधन में उन्होंने निषाद समाज से एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के हितों और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को पार्टी की नीतियों और उद्देश्यों के बारे में जागरूक करें।

डॉ. संजय निषाद ने अपने भाषण में समाज के विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को राजनीतिक रूप से मजबूत होना होगा, ताकि उनकी आवाज और प्रभाव दोनों को मजबूती मिल सके। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में पार्टी को और मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर रणनीति बनाई जाएगी।

रैली में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि निषाद पार्टी अपने जनाधार को मजबूत करने में जुटी है। भावुक होने के बाद भी डॉ. संजय निषाद ने अपने संबोधन को जारी रखा और कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने का प्रयास किया।

इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम पार्टी की जमीनी पकड़ मजबूत करने और समाज के बीच संदेश पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं।

गोरखपुर की इस रैली में जहां राजनीतिक संदेश साफ दिखाई दिया, वहीं मंच पर डॉ. संजय निषाद का भावुक होना भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनकी अपील और भावनात्मक संबोधन अब राजनीतिक गलियारों में भी सुर्खियों में है।

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