चाय बेचकर IAS-IPS की तैयारी कर रहीं 3 बहनों से DM ने की बात, घर बुलाया; वीडियो में बोले- हर संभव मदद करेंगे
गोरखपुर में चाय की दुकान चलाकर अपने बीमार पिता की दवा और परिवार का खर्च उठाने के साथ IAS और IPS बनने की तैयारी कर रहीं तीन बहनों की कहानी सामने आने के बाद प्रशासन ने मदद का हाथ बढ़ाया है। रविवार को गोरखपुर के DM दीपक मीणा ने तीनों बहनों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने परिवार का हाल जाना और पैरालाइज पिता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इसके बाद DM ने बहनों को सोमवार सुबह 10 बजे अपने आवास पर मिलने के लिए बुलाया है। DM ने बातचीत के दौरान बहनों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन की ओर से उनकी हर संभव मदद की जाएगी। प्रशासन की इस पहल के बाद परिवार को आर्थिक और पढ़ाई से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलने की उम्मीद है।
दिन में चाय की दुकान, रात में पढ़ाई
महराजगंज की रहने वाली तीनों बहनें फिलहाल गोरखपुर के बरगदवां इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रहती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण तीनों बहनों ने चाय की दुकान संभालने की जिम्मेदारी उठाई है। वे दिनभर दुकान चलाती हैं और परिवार की जरूरतों के साथ पिता की दवाइयों का इंतजाम करती हैं।दुकान की जिम्मेदारी के कारण उन्हें पढ़ाई के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता। इसके बावजूद तीनों बहनें रात में पढ़ाई करती हैं। बताया गया कि वे रात करीब 12 बजे से 2 बजे तक YouTube के जरिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती हैं।
2017 में पिता हुए थे पैरालाइज
वंदिता उपाध्याय ने बताया कि वर्ष 2017 में उनके पिता पैरालाइज हो गए थे। बीमारी के बाद उनकी नौकरी भी चली गई। इसके बाद परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती चली गई। घर में कमाई का कोई दूसरा स्थायी जरिया नहीं था। उनकी मां माधुरी गृहिणी हैं और परिवार की जिम्मेदारी मुख्य रूप से बेटियों पर आ गई।इसके बाद तीनों बहनों ने परिवार की मदद के लिए चाय की दुकान संभालने का फैसला किया। इसी के साथ उन्होंने अपने बड़े सपने को भी नहीं छोड़ा।
बड़ी बहन का सपना बनना है IAS और DM
तीनों बहनों के अपने-अपने लक्ष्य हैं। बड़ी बहन वर्तिका उपाध्याय IAS की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना भविष्य में प्रशासनिक सेवा में जाने और DM बनने का है। दूसरी बहन वंदिता उपाध्याय IPS बनकर पुलिस विभाग में सेवा करना चाहती हैं। वहीं तीसरी बहन अवंतिका भी IAS बनने का सपना देख रही हैं।वंदिता और अवंतिका अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही हैं। कॉलेज और चाय की दुकान की जिम्मेदारी के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना उनके लिए आसान नहीं है। इसके बावजूद दोनों बहनें रात में समय निकालकर पढ़ाई करती हैं।
DM ऑफिस से आया फोन
वर्तिका ने बताया कि रविवार रात करीब 9 बजे DM कार्यालय से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि DM साहब तीनों बहनों से मिलना चाहते हैं। इसके बाद DM दीपक मीणा ने खुद उनसे फोन पर बात की और परिवार की स्थिति के बारे में जानकारी ली।प्रशासन की ओर से मदद का आश्वासन मिलने के बाद अब तीनों बहनें सोमवार सुबह 10 बजे DM के आवास पर जाएंगी। उम्मीद है कि मुलाकात के दौरान उनकी पढ़ाई, परिवार की आर्थिक स्थिति और पिता के इलाज से जुड़ी जरूरतों पर भी चर्चा होगी।

