यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली का तोहफा, न्यूनतम मानदेय डेढ़ गुना तक बढ़ा; सितंबर से मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है। सरकार ने श्रेणी-एक को छोड़कर अन्य श्रेणियों के आउटसोर्स कर्मचारियों का न्यूनतम मानदेय डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। सोमवार को मानदेय की नई दरें तय कर दी गईं। इस फैसले से प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से तय की गई नई दरें सितंबर महीने से लागू होंगी। ऐसे में कर्मचारियों को अक्टूबर के वेतन के साथ सितंबर का एरियर भी दिया जाएगा। यानी कर्मचारियों को बढ़े हुए मानदेय के साथ पिछले महीने का बकाया भुगतान भी मिलेगा।
सितंबर से लागू होंगी नई दरें
नई व्यवस्था के तहत श्रेणी-एक को छोड़कर बाकी श्रेणियों के कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने सोमवार को नई दरों को अंतिम रूप दिया। इसके बाद संबंधित विभागों और आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों को बढ़ा हुआ भुगतान किया जाएगा।
इस फैसले का सीधा लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जो विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए इसे राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
अक्टूबर की सैलरी के साथ मिलेगा एरियर
सरकार के फैसले के अनुसार, बढ़ा हुआ न्यूनतम मानदेय सितंबर से प्रभावी माना जाएगा। कर्मचारियों को अक्टूबर के वेतन के साथ सितंबर महीने का एरियर भी दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को एक साथ बढ़े हुए वेतन और बकाया राशि का लाभ मिलेगा।
हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों के लिए निर्धारित नई मानदेय दरों और कर्मचारियों की संख्या का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगी आर्थिक राहत
आउटसोर्स कर्मचारी सरकारी विभागों में कई तरह की जिम्मेदारियां निभाते हैं। मानदेय में बढ़ोतरी से उनकी मासिक आय में सुधार होगा। खासकर उन कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा, जिनका भुगतान अब तक निर्धारित न्यूनतम दरों के आधार पर किया जा रहा था।
फिलहाल नई दरें तय होने के बाद कर्मचारियों को अक्टूबर के वेतन भुगतान का इंतजार है। नई व्यवस्था लागू होने पर उन्हें बढ़े हुए मानदेय के साथ सितंबर का बकाया भी मिल सकेगा।

