प्रयागराज में हनुमंत कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान, फुटेज में देखें ज्ञानवापी को लेकर दी प्रतिक्रिया
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों प्रयागराज में आयोजित हनुमंत कथा में प्रवचन दे रहे हैं। कथा से पहले उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें उन्होंने कई धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। उनके बयानों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने काशी और ज्ञानवापी को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि “एक दिन ज्ञानवापी में जरूर रुद्राभिषेक होगा।” उन्होंने आगे कहा कि काशी विश्वनाथ मंदिर के पास जो स्थिति है, उसे वे “कलंक” मानते हैं और उनका विश्वास है कि समय के साथ यह बदल जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि वे ऐसे भारत की कल्पना करते हैं जिसमें “मंदिरों में भीड़ और सड़कों पर आस्था का उत्साह” देखने को मिले। उनके अनुसार, “राम राज्य से भरा हिंदुस्तान” ही उनका आदर्श है, और इसी दिशा में समाज को आगे बढ़ना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास है। उन्होंने संकेत दिया कि धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों का समाधान कानून और अदालतों के माध्यम से ही होगा।
बरेली के एक मौलाना की ओर से किए गए विरोध से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “समय-समय का खेल है, दो कौड़ी के लोग करोड़ों में बिकने लगते हैं।” उनके इस बयान को लेकर भी सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि जिस तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ, उसी तरह आने वाले समय में ज्ञानवापी को लेकर भी बदलाव देखने को मिलेगा और वहां “भगवा लहराएगा।”
उनके इन बयानों के बाद एक बार फिर धार्मिक भावनाओं, आस्था और कानून के दायरे को लेकर बहस तेज हो गई है। समर्थक उनके विचारों को आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि आलोचक इसे संवेदनशील मुद्दों पर विवाद बढ़ाने वाला बयान बता रहे हैं।
फिलहाल, प्रयागराज में चल रही हनुमंत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं और कार्यक्रम का माहौल धार्मिक उत्साह से भरा हुआ है।

