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प्रयागराज के अलोप शंकरी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना

प्रयागराज के अलोप शंकरी मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना

शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन प्रयागराज के प्रसिद्ध अलोप शंकरी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने मां दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सुबह से ही मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और विधि-विधान से पूजा की।

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की आराधना

नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के मां कूष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है। मान्यता है कि उनकी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की उत्पत्ति हुई थी। भक्त मां की आराधना कर सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।

मंदिर में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ मां दुर्गा के जयकारे लगाए। नवरात्रि के अवसर पर भक्तों में विशेष उत्साह देखने को मिला। परिवार के साथ आए लोगों ने दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

अलोप शंकरी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्त

प्रयागराज स्थित अलोप शंकरी मंदिर की धार्मिक मान्यता के कारण नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। भक्त मां के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। नवरात्रि के दिनों में मंदिरों में पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों का विशेष महत्व रहता है।

श्रद्धालुओं ने मां से परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा।

मां कूष्मांडा की पूजा का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मां का स्वरूप भक्तों को शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का संदेश देता है।

नवरात्रि के चौथे दिन भक्त विधि-विधान से पूजा करते हैं और मां को फल, फूल तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। इस अवसर पर श्रद्धालु व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना भी करते हैं।

प्रयागराज के अलोप शंकरी मंदिर में नवरात्रि के चौथे दिन श्रद्धालुओं की मौजूदगी से धार्मिक माहौल बना रहा। भक्तों ने मां कूष्मांडा की पूजा कर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।

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