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 मोतीझील से सेंट्रल स्टेशन के बीच मेट्रो संचालन को मिली हरी झंडी, पीएम मोदी या सीएम कर सकते उद्घाटन

 मोतीझील से सेंट्रल स्टेशन के बीच मेट्रो संचालन को मिली हरी झंडी, पीएम मोदी या सीएम कर सकते उद्घाटन

मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (सीएमआरएस) ने गुरुवार को मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो ट्रेनों के संचालन को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यात्रियों के लिए आईआईटी से 16 किलोमीटर दूर कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक भूमिगत मेट्रो सुविधा का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने राज्य सरकार को इसकी जानकारी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 दिन बाद कभी भी इस परियोजना को हरी झंडी दे सकते हैं।

यूपीएमआरसी कॉरिडोर-1 में आईआईटी से मोतीझील तक नौ किलोमीटर लंबे एलिवेटेड सेक्शन पर सात मेट्रो ट्रेनों का संचालन कर रहा है। मोतीझील से चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज होते हुए कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो संचालन की तैयारी कर ली गई है। 20 व 21 मार्च को सीआरएमएस जनक कुमार गर्ग ने इस भूमिगत खंड का निरीक्षण किया। मोतीझील और कानपुर सेंट्रल के बीच ट्रेन का गति परीक्षण भी किया गया। उन्होंने मुख्य रूप से मेट्रो परिसर और ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों और व्यवस्थाओं का आकलन किया। इसी आधार पर उन्होंने गुरुवार को कानपुर मेट्रो को यात्री सेवाओं के विस्तार की मंजूरी दे दी।

आप आईआईटी से सेंट्रल स्टेशन 25 मिनट में पहुंच जायेंगे।
मेट्रो रेल प्रशासन के मुताबिक, मेट्रो ट्रेन आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक की दूरी 25 मिनट में तय करेगी। इसका किराया 40 रुपये तय किया गया है। आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक ट्रेन को लगभग 15 मिनट का समय लगेगा। आईआईटी से मोतीझील तक चलने वाली सात मेट्रो लाइनें पहले की तरह उपलब्ध रहेंगी।

यूपीएमआरसी के डिप्टी जीएम (पीआर) पंचानन मिश्रा ने बताया कि उद्घाटन के बाद मोतीझील से कानपुर सेंट्रल तक केवल दो ट्रेनें चलेंगी, एक अप लाइन पर और दूसरी डाउन लाइन पर। चूंकि कानपुर सेंट्रल से ट्रेन को आगे या डायवर्ट करने की कोई सुविधा नहीं है, इसलिए वही ट्रेन उसी ट्रैक से वापस आएगी। अगस्त-सितंबर तक ट्रांसपोर्ट नगर भूमिगत मेट्रो स्टेशन तक का काम पूरा होने के बाद यह सुविधा भी शुरू हो जाएगी।

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