दिल्ली सरकार ने शुरू की जनगणना 2027 की तैयारी, 40,000 कर्मचारियों को प्रशिक्षण
दिल्ली सरकार ने जनगणना 2027 की तैयारियों का औपचारिक ऐलान कर दिया है। इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी और मोबाइल ऐप के जरिए हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग फेज़ का काम संपन्न किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस चरण के लिए 40,000 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
जनगणना की हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग फेज़ 15 अप्रैल 2027 से शुरू होकर जून तक चलेगी, जिसके दौरान पूरे शहर के घर-घर जाकर डेटा संग्रहण किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए राजस्व विभाग के अधिकारी मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में कुल 33 महत्वपूर्ण प्रश्नों को शामिल किया जाएगा, जो भविष्य की योजनाओं और विकास नीतियों के आधार का काम करेंगे।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस बार डिजिटल जनगणना को प्राथमिकता दी गई है, ताकि डेटा संग्रहण में त्रुटियों और विलंब की संभावना कम हो। मोबाइल ऐप के माध्यम से हाउसलिस्टिंग के दौरान घरों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा, जिसमें परिवार के सदस्य, आयु, लिंग, शिक्षा, पेशा और आवासीय सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी।
अधिकारी ने कहा, "जनगणना 2027 दिल्ली के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शहरी और ग्रामीण विकास, आवास योजनाएं, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से संबंधित नीतियों को सटीक रूप से लागू किया जा सकेगा। डिजिटल माध्यम से काम होने से डेटा का सटीक और समयबद्ध संग्रह सुनिश्चित होगा।"
इस प्रक्रिया में मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण देंगे, जिसमें ऐप का उपयोग, डेटा भरने की सही विधि, गोपनीयता बनाए रखने के उपाय और आम जनता के साथ संवाद करने के तरीके शामिल होंगे। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कर्मचारियों को मोबाइल ऐप के उपयोग और डेटा सुरक्षा पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या त्रुटि से बचा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल जनगणना न केवल सटीक आंकड़े प्रदान करेगी बल्कि भविष्य में नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करने में भी मदद करेगी। इसके अलावा, इससे राजधानी दिल्ली में संसाधनों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
सरकार ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे जनगणना में पूर्ण सहयोग करें और कर्मचारियों को सही और सटीक जानकारी दें। मोबाइल ऐप के माध्यम से घर का विवरण भरना सरल होगा, और नागरिकों को स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार की तैयारी और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल जनगणना 2027 को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और सटीक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 40,000 से अधिक प्रशिक्षित कर्मचारियों और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से यह प्रक्रिया समय पर और व्यवस्थित रूप से संपन्न होगी।

