दीपोत्सव कार्यक्रम का आगाज, देशभर के कलाकारों ने रामायण प्रसंगों और भजनों से बांधा समां
संस्कृति विभाग की ओर से गुरुवार को दीपोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सिविल लाइंस स्थित डाकघर चौराहे पर आयोजित इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में रामायण के प्रसंगों, लोकगीतों और भजनों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं।
दीपोत्सव के शुभारंभ के साथ ही कार्यक्रम स्थल पर सांस्कृतिक माहौल बन गया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और लोक कलाओं की झलक पेश की। रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित प्रस्तुतियों ने भगवान राम के जीवन और उनके आदर्शों को मंच पर जीवंत करने का प्रयास किया।
इसके साथ ही लोकगीतों और भजनों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया। अलग-अलग क्षेत्रों से आए कलाकारों ने अपनी-अपनी लोक परंपराओं और संगीत शैलियों के माध्यम से दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया।
देर रात तक चला सांस्कृतिक कार्यक्रम
डाकघर चौराहे पर आयोजित यह कार्यक्रम देर रात तक जारी रहा। इस दौरान दर्शकों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। दीपोत्सव के अवसर पर आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को भारतीय परंपराओं और लोक कलाओं से जोड़ना रहा।
संस्कृति विभाग की इस पहल के जरिए दीपावली के त्योहार को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग देने का प्रयास किया गया। रामायण प्रसंगों, लोकगीतों और भजनों के संगम ने कार्यक्रम को विशेष बनाया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कार्यक्रम में शामिल कलाकारों के नाम, विभिन्न राज्यों से आए दलों की संख्या और दीपोत्सव के आगामी कार्यक्रमों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

