3 साल के बच्चे के खून में बढ़ गया था जानलेवा कोलेस्ट्रॉल, लखनऊ PGI के डॉक्टरों ने बचाई जान
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से चिकित्सा जगत से जुड़ी एक बेहद अहम खबर सामने आई है। संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी SGPGI के डॉक्टरों ने तीन साल के एक बच्चे की गंभीर स्थिति में इलाज कर उसकी जान बचाने में सफलता हासिल की। बच्चे के शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर इतना अधिक बढ़ गया था कि उसकी सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
बच्चे की स्थिति सामान्य मामलों से काफी अलग थी। इतनी कम उम्र में कोलेस्ट्रॉल का बेहद बढ़ जाना दुर्लभ और गंभीर स्थिति हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों में बहुत अधिक कोलेस्ट्रॉल का एक प्रमुख कारण आनुवंशिक समस्या भी हो सकती है। खासकर फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया जैसी स्थिति में जन्म से ही खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर काफी अधिक हो सकता है।
खून से निकाला गया अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल
रिपोर्ट के मुताबिक, SGPGI के डॉक्टरों ने बच्चे के खून से अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल हटाने के लिए विशेष चिकित्सा प्रक्रिया का सहारा लिया। इस तरह के उपचार का उद्देश्य खून में मौजूद अत्यधिक मात्रा में हानिकारक लिपिड को कम करना होता है, ताकि शरीर के महत्वपूर्ण अंगों और रक्त वाहिकाओं पर पड़ रहे खतरे को कम किया जा सके।
बच्चों में बहुत अधिक LDL कोलेस्ट्रॉल लंबे समय तक रहने पर धमनियों में वसा जमा होने और आगे चलकर हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है।
इतनी कम उम्र में क्यों बढ़ जाता है कोलेस्ट्रॉल?
आमतौर पर लोग हाई कोलेस्ट्रॉल को वयस्कों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन बच्चों में भी यह समस्या हो सकती है। इसके पीछे खान-पान, मोटापा और कुछ बीमारियों के साथ-साथ आनुवंशिक कारण महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कुछ बच्चों में परिवार से मिली आनुवंशिक समस्या के कारण LDL का स्तर बचपन से ही बहुत ज्यादा रहता है।
ऐसे मामलों में समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी होता है। गंभीर रूप से बढ़ा हुआ LDL रक्त वाहिकाओं में प्लाक बनने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है, जिससे भविष्य में हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों की सफलता से मिली नई उम्मीद
लखनऊ SGPGI में इस बच्चे का इलाज चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इतनी कम उम्र में गंभीर रूप से बढ़े कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण होता है। डॉक्टरों की टीम ने समय रहते स्थिति को समझकर उपचार किया और बच्चे को गंभीर खतरे से बाहर निकालने में सफलता हासिल की।
यह मामला इस बात की ओर भी ध्यान दिलाता है कि बच्चों में असामान्य स्वास्थ्य लक्षण या परिवार में कम उम्र में हृदय रोग और हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास होने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराना जरूरी है। बच्चों में हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता, इसलिए कुछ मामलों में रक्त जांच से ही इसका पता चलता है।

