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बरेली की रामलीला में बेटियां निभा रहीं श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के किरदार, अनोखी प्रस्तुति बनी आकर्षण

बरेली की रामलीला में बेटियां निभा रहीं श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के किरदार, अनोखी प्रस्तुति बनी आकर्षण

बरेली के राजेंद्र नगर में आयोजित उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की रामलीला अपनी अनूठी परंपरा के कारण खास पहचान रखती है। यहां भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न सहित रामलीला के सभी प्रमुख किरदार बेटियां निभा रही हैं। स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राएं अपने अभिनय और संवादों से रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर रही हैं। उनकी प्रस्तुति दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

रामलीला के प्रमुख किरदार निभा रहीं छात्राएं

आमतौर पर रामलीला में पुरुष कलाकार भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और अन्य पुरुष पात्रों की भूमिका निभाते हैं। लेकिन राजेंद्र नगर की इस रामलीला में छात्राएं ही प्रमुख किरदारों को निभा रही हैं। भगवान श्रीराम से लेकर माता सीता और भरत-शत्रुघ्न तक के पात्रों को बेटियां मंच पर प्रस्तुत कर रही हैं।

स्कूलों में पढ़ने वाली इन छात्राओं के लिए यह मंच अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी है। अभिनय के माध्यम से वे रामायण की कथा और उसके महत्वपूर्ण प्रसंगों को दर्शकों तक पहुंचा रही हैं।

अभिनय से जीवंत कर रहीं रामायण के प्रसंग

रामलीला में कलाकारों के लिए संवाद याद रखना, पात्रों की भाव-भंगिमा को समझना और मंच पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देना महत्वपूर्ण होता है। छात्राएं इन जिम्मेदारियों को निभाते हुए रामायण के किरदारों को साकार कर रही हैं।

भगवान श्रीराम के आदर्श, माता सीता का धैर्य और लक्ष्मण की निष्ठा जैसे प्रसंग रामलीला का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन पात्रों को निभाकर छात्राएं भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्राप्त कर रही हैं।

उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की रामलीला की अलग पहचान

राजेंद्र नगर में उत्तराखंड सांस्कृतिक समाज की ओर से आयोजित रामलीला अपनी विशेष प्रस्तुति के चलते लोगों का ध्यान खींचती है। सभी प्रमुख किरदारों को बेटियों द्वारा निभाया जाना इसे दूसरी रामलीलाओं से अलग बनाता है।

इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं, धार्मिक कथाओं और मंचीय कला से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्राओं की भागीदारी यह भी दिखाती है कि सांस्कृतिक गतिविधियों में बेटियां अपनी प्रतिभा और मेहनत से अहम भूमिका निभा सकती हैं।

रामलीला से जुड़ी छात्राओं की उम्र, आयोजन की तारीख, कार्यक्रम के अन्य प्रसंगों और दर्शकों की संख्या की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद बेटियों द्वारा सभी प्रमुख किरदार निभाने की यह परंपरा आयोजन को खास पहचान देती है।

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