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बहराइच में मगरमच्छ का खौफ: चाचा की आंखों के सामने भतीजे को दबोचा, 8 मिनट तक बचाने की कोशिश, फिर पानी में ले जाकर बनाया शिकार

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उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मगरमच्छ ने नदी किनारे मौजूद एक बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। बच्चे की चीख सुनकर उसके चाचा बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में कूद पड़े और उसे बचाने की भरसक कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ के सामने उनकी एक न चली। पूरी घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है।

प्रत्यक्षदर्शी और बच्चे के चाचा ने घटना का दर्दनाक मंजर बताते हुए कहा, "मगरमच्छ चुपके से आया और मेरे भतीजे को दबोच लिया। वह जोर-जोर से चीखने लगा। यह देखकर मैंने तुरंत नदी में छलांग लगा दी। करीब 7 से 8 मिनट तक मैं मगरमच्छ से भतीजे को छुड़ाने की कोशिश करता रहा, लेकिन वह नहीं छोड़ा। आखिरकार मगरमच्छ उसे पानी के अंदर ले गया। उसने 3-4 बार बच्चे को पानी में उछाला और मेरी आंखों के सामने उसका आधा शरीर खा गया।"

बताया जा रहा है कि बच्चा नदी के किनारे मौजूद था, तभी मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। बच्चे की चीख सुनते ही उसके चाचा ने साहस दिखाते हुए नदी में छलांग लगा दी, लेकिन मगरमच्छ की ताकत के आगे उनकी कोशिशें नाकाम रहीं।

घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस नदी में पहले भी मगरमच्छ देखे गए हैं, लेकिन इस तरह का खौफनाक हमला लंबे समय बाद सामने आया है। ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और मगरमच्छों को पकड़ने की मांग की है।

सूचना मिलने के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और लोगों से नदी के किनारे जाने में सावधानी बरतने की अपील की। साथ ही मगरमच्छ की तलाश और निगरानी के लिए अभियान शुरू करने की बात कही गई है।

इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस हादसे से स्तब्ध है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाती, तो शायद इस मासूम की जान बचाई जा सकती थी।

यह घटना एक बार फिर नदी और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए चेतावनी है कि मगरमच्छों की मौजूदगी वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों को अकेले नदी या तालाब के किनारे जाने से रोकना चाहिए, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।

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