उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में गुरुवार तड़के एक संगीन मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश अमजद को मार गिराया। मुठभेड़ बुढाना कोतवाली क्षेत्र में हुई और घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सुरक्षा बलों और प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई।
जानकारी के अनुसार, अमजद लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था और उसके खिलाफ कई पुलिस केस दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान अमजद ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई। पुलिस ने सटीक कार्रवाई और रणनीति अपनाते हुए बदमाश को ढेर कर दिया।
मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी घायल हुए। उपनिरीक्षक संदीप कुमार और कांस्टेबल इशफाक को अमजद की गोली लगी। घायल पुलिसकर्मियों का तुरंत निकटतम अस्पताल में इलाज किया गया और उनके स्वास्थ्य की स्थिति संपूर्ण रूप से खतरे से बाहर बताई जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि घायल पुलिसकर्मी सुरक्षा बलों की बहादुरी और सतर्कता के चलते सुरक्षित हैं।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अमजद विभिन्न गंभीर अपराधों में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार कोशिशें की जा चुकी थीं। आज की मुठभेड़ में पुलिस की सटीक रणनीति और साहस के चलते अपराधी का सफाया हुआ और इलाके की सुरक्षा बढ़ी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे इनामी अपराधियों की गतिविधियां स्थानीय जनता के लिए गंभीर खतरा होती हैं। इस मुठभेड़ ने यह साबित कर दिया कि पुलिस सख्त कार्रवाई और अनुशासन के जरिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम है।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की बहादुरी और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उनका कहना है कि अमजद जैसे अपराधियों का सफाया न केवल सुरक्षा बढ़ाता है, बल्कि लोगों में पुलिस और प्रशासन के प्रति भरोसा भी मजबूत करता है।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने जनता से अपील की है कि सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के इनामी अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
कुल मिलाकर, मुजफ्फरनगर की यह घटना पुलिस की साहसिक कार्रवाई और सतर्कता को उजागर करती है। इनामी अपराधियों के खिलाफ पुलिस का यह कदम कानून-व्यवस्था मजबूत करने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है।

