प्रयागराज में अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद विवाद गहराया, धरना-प्रदर्शन जारी, डॉक्टरों की हड़ताल दूसरे दिन भी
प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट की अधिवक्ता जागृति शुक्ला की मौत के बाद उपजा विवाद मंगलवार को भी शांत होता नजर नहीं आया। घटना को लेकर शहर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और अलग-अलग पक्षों के विरोध प्रदर्शन लगातार जारी हैं।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ताओं के एक गुट ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर रखा है और वे दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। वहीं दूसरी ओर जूनियर डॉक्टरों ने भी दूसरे दिन लगातार काम से विरत रहकर विरोध जताया है, जिससे अस्पताल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उनके साथी सीनियर रेजीडेंट मोनिस अली को कथित तौर पर अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया है। डॉक्टरों ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि जब तक न्यायसंगत कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इसी बीच, जागृति शुक्ला का अंतिम संस्कार मंगलवार को दारागंज घाट पर गमगीन माहौल में संपन्न हुआ। उन्हें उनके पिता पवन कुमार शुक्ला ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, परिजन और स्थानीय लोग मौजूद रहे, जिनकी आंखें नम थीं।
घटना के बाद से ही प्रयागराज में कानून व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
फिलहाल मामला संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन द्वारा तनाव कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अधिवक्ताओं और डॉक्टरों के विरोध के चलते स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है।

