अलीगढ़ में घर बनाना हुआ महंगा, चंबल सैंड, गिट्टी और सरिया के बढ़े दाम; मजदूरी बढ़ने से बिगड़ा बजट
अलीगढ़ में मकान बनाने और पुराने घर की मरम्मत कराने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। निर्माण सामग्री की कीमतों में तेजी और ठेकेदारों व मिस्त्रियों की मजदूरी बढ़ने से आम लोगों का बजट बिगड़ने लगा है। सीमेंट, सरिया, ईंट, बिजली के सामान, चंबल सैंड और गिट्टी जैसी जरूरी सामग्री महंगी होने से मकान बनाने की कुल लागत पर असर पड़ रहा है। ऐसे में नया घर बनाने की योजना बना रहे लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
निर्माण सामग्री महंगी होने से बढ़ा खर्च
मकान निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। रेत, गिट्टी और लोहे की कीमतों में तेजी के साथ सीमेंट और ईंटों की लागत भी निर्माण बजट को प्रभावित कर रही है। बाजार में निर्माण सामग्री की कीमतें अलग-अलग गुणवत्ता, ब्रांड और सप्लाई के हिसाब से बदलती हैं।
निर्माण क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्टों में भी अलीगढ़ में सीमेंट, बालू, मोरंग, गिट्टी और सरिया के दाम बढ़ने की बात सामने आई है। जून 2026 की एक रिपोर्ट में माल ढुलाई महंगी होने के बाद निर्माण सामग्री की लागत बढ़ने और मकान बनवाने वालों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने का जिक्र किया गया था।
मिस्त्री और ठेकेदारों की मजदूरी भी बढ़ी
निर्माण सामग्री के साथ मजदूरी में बढ़ोतरी ने भी लोगों की चिंता बढ़ाई है। मकान बनाने में राजमिस्त्री, मजदूर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन और अन्य कारीगरों की जरूरत होती है। मजदूरी की दर बढ़ने से मकान की नींव से लेकर छत, प्लास्टर, पेंट और फिनिशिंग तक का खर्च बढ़ जाता है।
पुराने मकान की मरम्मत कराने वालों पर भी इसका असर पड़ रहा है। छत की मरम्मत, दीवारों पर प्लास्टर, फर्श बदलवाने और बिजली की वायरिंग जैसे काम पहले से महंगे पड़ सकते हैं। सीमित बजट में काम कराने वाले परिवार अब जरूरी और गैर-जरूरी कामों को अलग करके खर्च तय करने को मजबूर हैं।
20 से 30 प्रतिशत तक महंगाई का दावा
निर्माण से जुड़े खर्च में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की बात कही जा रही है। हालांकि, यह बढ़ोतरी हर सामग्री और हर निर्माण कार्य में एक जैसी नहीं होती। वास्तविक खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि मकान कितना बड़ा है, किस गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल की जा रही है और निर्माण किस ठेकेदार से कराया जा रहा है।
मध्यम वर्ग की बढ़ी परेशानी
निर्माण लागत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ता है, जो बचत या बैंक लोन के सहारे अपना घर बनवा रहे हैं। कई लोगों को बजट बढ़ाना पड़ सकता है, जबकि कुछ परिवार निर्माण का काम चरणबद्ध तरीके से कराने की योजना बना सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह है कि निर्माण शुरू करने से पहले सीमेंट, सरिया, रेत, गिट्टी, ईंट और बिजली के सामान के ताजा भाव पता कर लें। अलग-अलग दुकानदारों से कीमतों की तुलना करने और सामग्री व मजदूरी का लिखित अनुमान लेने से अनावश्यक खर्च से बचने में मदद मिल सकती है।

