भारत में ‘स्लीपर सेल’ बनाने की साजिश, सहारनपुर से 4 संदिग्ध गिरफ्तार; ISI कनेक्शन का खुलासा!
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। भारत में कथित तौर पर ‘स्लीपर सेल’ तैयार करने की साजिश रच रहे चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े तार सामने आने की बात कही जा रही है। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं और मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए संदिग्ध काफी समय से संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे। खुफिया एजेंसियों को इनकी गतिविधियों की जानकारी पहले से मिल रही थी, जिसके बाद विशेष निगरानी रखी जा रही थी। जांच के दौरान इन लोगों के संपर्क विदेश में बैठे कुछ संदिग्ध तत्वों से होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सहारनपुर में छापेमारी कर चारों को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल फोन, संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल चैट रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। एजेंसियां इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका नेटवर्क कितना बड़ा था और किन-किन लोगों से संपर्क था।
जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपियों का मकसद युवाओं को बहकाकर एक गुप्त नेटवर्क तैयार करना था, जिसे जरूरत पड़ने पर देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा सके। शुरुआती पूछताछ में कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनसे ISI कनेक्शन की आशंका मजबूत हुई है। हालांकि अधिकारियों ने अभी आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों में भी सक्रिय तो नहीं था। कई संदिग्ध बैंक लेनदेन और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया अकाउंट्स और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स की गतिविधियों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और जल्द ही कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों के लिए इस तरह के नेटवर्क को समय रहते पकड़ना बेहद जरूरी हो जाता है।
फिलहाल सहारनपुर से हुई इन गिरफ्तारियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां हर पहलू पर बारीकी से नजर रख रही हैं ताकि देश की सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।

