राम मंदिर चढ़ावा मामले पर सीएम योगी का बड़ा बयान, वीडियो में बोले- 'दूध का दूध, पानी का पानी होगा; दोषियों को नहीं मिलेगी कोई छूट'
राम मंदिर चढ़ावा गड़बड़ी मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। देवरिया में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और जनआस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने बिना सबूत आरोप लगाने वालों को भी नसीहत दी।
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई तेज होने के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया में इस मुद्दे पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट मिलने के बाद ही कार्रवाई शुरू की गई है और मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, "एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेंगे। जनआस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कोई छूट नहीं मिलेगी।"
उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और सरकार इस आस्था की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी और कानून के अनुसार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "अयोध्या पर आरोप मत लगाइए। यदि किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे एसआईटी को सौंपिए, अन्यथा इस तरह के आरोप लगाना बंद कर दीजिए। राम भक्तों की अग्निपरीक्षा मत लीजिए। उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस का नाम लेते हुए कहा कि जिन लोगों का इतिहास देश को लूटने का रहा है, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "याद कीजिए, कांग्रेस ने देश को केवल लूटा ही नहीं, बल्कि नोंचा भी था। भगवान राम का नाम लेने वालों पर गोली चलवाने वाले आज हमें आस्था का पाठ पढ़ा रहे हैं। अरे, तुम हमें आस्था बताओगे?"
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर चढ़ावा मामले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस और एसआईटी मामले की जांच कर रही है और वित्तीय लेनदेन सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
सरकार का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं विपक्ष इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग कर रहा है। ऐसे में यह मुद्दा अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है।
फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की अगली रिपोर्ट और जांच के नतीजों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।

