राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, वीडियो में बोले- “अपराधी कोई भी होगा, बचेगा नहीं”
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और प्रशासनिक हलचल भी तेज नजर आई। सीएम योगी ने अपने दौरे की शुरुआत हनुमानगढ़ी मंदिर से की, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।इसके बाद मुख्यमंत्री राम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और राम मंदिर अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। रामलला के दर्शन के दौरान उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना भी की और मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। पूरे दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क नजर आए।
इस बीच एक महत्वपूर्ण बात यह रही कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे, जिससे राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि इस पर किसी तरह की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े विवाद पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी के पास कोई भी प्रमाण या साक्ष्य है, तो उसे जांच के लिए एसआईटी को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की अनियमितता या अपराध को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने रामभक्तों और आम जनता से अपील करते हुए कहा कि अयोध्या को लेकर किसी भी तरह के भ्रम या अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा, “रामभक्तों से मेरी अपील है कि प्रभु श्रीराम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, ऐसे में सभी को धैर्य रखना चाहिए।”उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोग अयोध्या की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जनता को ऐसे लोगों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार अयोध्या की गरिमा और पवित्रता को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सीएम योगी ने यह भी कहा, “15 दिन और देख लो, इंतजार कर लो। अयोध्या को बदनाम करने वालों के बहकावे में न आएं। धाम को बदनाम न करें। अपराधी कोई भी होगा, वह बचेगा नहीं, यह तय है।” उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच अयोध्या में राजनीतिक और धार्मिक हलचल तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से जांच एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया है और मामले की निगरानी लगातार की जा रही है। वहीं, राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत कर दी गई है। फिलहाल, इस विवाद पर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे की आधिकारिक कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

