गोरखपुर में CM योगी ने 8.05 करोड़ के राजकीय महिला शरणालय का किया लोकार्पण, सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर के चरगांवा में नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय भवन का लोकार्पण किया। करीब 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत से तैयार इस भवन में एक साथ 100 महिलाओं के रहने की क्षमता है। यहां निराश्रित, घरेलू हिंसा से प्रभावित और संकट की परिस्थितियों से गुजर रही महिलाओं को आश्रय और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शरणालय भवन का निरीक्षण भी किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। भवन में 10 डारमेट्री, चार अध्ययन कक्ष, रोगी कक्ष, क्रेच रूम, डाइनिंग हॉल, किचन, स्टोर, शौचालय और स्नानघर जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं। महिलाओं के अध्ययन और ज्ञानवर्धन के लिए पुस्तकालय की भी व्यवस्था की गई है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ जैसी कहावत चलती थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उस दौर में बेटियों की सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर अभिभावक चिंतित रहते थे तथा सपा से जुड़े लोगों पर बेटियों को परेशान करने के आरोप लगते थे।
योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसी भी महिला को संकट की स्थिति में दर-दर भटकना न पड़े। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और आगे के जीवन तक सरकार की ओर से अलग-अलग योजनाओं के जरिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में रोजगार और महिला सशक्तीकरण से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने मिशन रोजगार के तहत सरकारी नौकरियों और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप भी वितरित किए गए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने चरगांवा में निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण किया। करीब 14.87 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस भवन की क्षमता 100 किशोरों की होगी। इसमें किशोर न्याय बोर्ड के लिए अलग ब्लॉक सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं प्रस्तावित हैं।महिला शरणालय का नया भवन शुरू होने से संकटग्रस्त महिलाओं को सुरक्षित आवास, देखभाल और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

