सीएम योगी आदित्यनाथ जापान दौरे पर ‘सात्विक भोजन’ का विशेष प्रबंध — बिना प्याज-लहसुन के भोजन की व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय अपने आधिकारिक जापान दौरे पर हैं, जहाँ उनके लिए खास सात्विक भोजन (बिना प्याज-लहसुन) का विशेष इंतज़ाम किया गया है। यह प्रबंध मुख्यमंत्री की आहार-शैली और धार्मिक/सांस्कृतिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए किया गया है, ताकि वे विदेश यात्रा के दौरान भी अपने भोजन में कोई समझौता न करें।
🍽️ क्या है खास व्यवस्था?
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जापान में योगी आदित्यनाथ के लिए विशेष शाकाहारी भोजन की व्यवस्था की गई है जिसमें प्याज और लहसुन बिल्कुल नहीं होगा।
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उनके भोजन में सात्विक योग्यता को ध्यान में रखते हुए सब्ज़ियाँ, उबली हुई चीज़ें, सोया-आधारित उत्पाद (जैसे टोफू) और पौष्टिक विकल्प शामिल रहेंगे।
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सुबह के नाश्ते में जापानी पारंपरिक मिसो सूप का शाकाहारी वर्जन दिया जाएगा जिसमें कोई मांसाहारी पदार्थ नहीं होगा।
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भोजन के साथ साथ सोया दूध, उबली सब्ज़ियाँ और हल्का पौष्टिक आहार भी शामिल किया गया है ताकि डाइट संतुलित रहे।
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सुबह योगी आदित्यनाथ जड़ी-बूटी वाली चाय या गर्म पानी सेवन करेंगे — यह उनके रोज़मर्रा के स्वास्थ्य उपाय के अनुरूप है।
🇯🇵 जापान में कुकों को दिए खास निर्देश
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जापानी शेफ़ और होटल स्टाफ़ को सख़्त निर्देश दिए गए हैं कि वह मुख्यमंत्री के भोजन के लिए सात्विक, हल्का और स्वादिष्ट भोजन तैयार करें।
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भारतीय दूतावास, जापान के सहयोग से यह व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि विदेश दौरे के दौरान भी मुख्यमंत्री की आहारशैली में कोई बदलाव न आए।
✈️ दौरे का संदर्भ
यह भोजन व्यवस्था मुख्यमंत्री के जापान में औद्योगिक और निवेश सम्बंधी बैठकों के दौरान की गई है। वह टोक्यो में प्रमुख निवेशकों और जापानी अधिकारियों से बातचीत करेंगे तथा उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक सहयोग के अवसरों पर जोर देंगे। इस दौरे के पहले ही दिन योगी के लिए जापानी कंपनियों के साथ करीब ₹11,000 करोड़ के एमओयू पर हस्ताक्षर भी हुए हैं।
🙏 सात्विक भोजन का सांस्कृतिक महत्व
‘सात्विक भोजन’ का अर्थ है शुद्ध, हल्का और पवित्र आहार — जो सामान्य रूप से बिना तीखे मसालों, प्याज-लहसुन के तैयार किया जाता है और आयुर्वेद तथा धार्मिक परंपराओं में इसे ऊर्जा-वर्धक और मानसिक संतुलन प्रदान करने वाला माना जाता है। ऐसे भोजन को खास तौर पर साधना, आध्यात्मिक यात्रा या धर्म-अनुष्ठान के समय अपनाया जाता है।

