उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बीच मुलाकात हुई।
यह अहम बैठक लखनऊ के निराला नगर स्थित ‘सरस्वती कुंज’ में हुई, जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यालय है। जानकारी के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच करीब 35 मिनट तक चर्चा चली।
हालांकि बैठक की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मुलाकात के दौरान संगठन और सरकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। साथ ही प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, सामाजिक समरसता और आगामी रणनीतियों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संघ और सरकार के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस तरह की बैठकें समय-समय पर होती रहती हैं, जिनमें संगठनात्मक समन्वय और नीतिगत विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है।
इस मुलाकात को लेकर विपक्षी दलों ने भी प्रतिक्रिया दी है और इसे राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह एक सामान्य शिष्टाचार भेंट थी और इसमें किसी विशेष राजनीतिक एजेंडे पर चर्चा नहीं हुई।
फिलहाल, बैठक के बाद दोनों नेताओं की ओर से कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन प्रदेश की राजनीति में इस मुलाकात को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। आने वाले दिनों में इसके संभावित असर को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही हैं।

