सीएम योगी आदित्यनाथ जापान के टोक्यो पहुंचे, औद्योगिक सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने पर हुई जोरदार शुरुआत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने विदेशी दौरे के दूसरे पड़ाव — जापान के टोक्यो — में बुधवार को पहुंचे, जहाँ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उन्होंने औद्योगिक सहयोग तथा निवेश के अवसरों को मज़बूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकों की शुरुआत की है। यह दौरा सिंगापुर में मिले भारी निवेश प्रस्तावों के बाद किया जा रहा है।
✈️ टोक्यो में भव्य स्वागत
टोक्यो एयरपोर्ट पर जापान के वाइस गवर्नर जुनिची इशिदेरा, भारत की राजदूत नगमा एम मलिक और भारतीय समुदाय के लोगों ने सीएम योगी का भावपूर्ण स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा को ‘उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि’ को नमस्कार कहते हुए ट्वीट भी किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल है, जिससे वैश्विक कंपनियों के लिये निवेश आकर्षक बन रहा है।
💼 पहले दिन 11,000 करोड़ के एमओयू
जापान आगमन के पहले ही दिन मुख्यमंत्री योगी ने कई जापानी कंपनियों के साथ लगभग ₹11,000 करोड़ के समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में कृषि मशीनरी, ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक प्रिंटिंग जैसी सेक्टरों को शामिल किया गया है, जिससे निर्माण क्षमता और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने इन कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश और विस्तार के लिये आमंत्रित किया और राज्य सरकार की नीतियों तथा निवेश-अनुकूल वातावरण का भरोसा दिलाया।
🤝 उद्योग जगत के साथ बैठकें
टोक्यो में योगी आदित्यनाथ ने शीर्ष जापानी व्यवसायिक नेताओं से औद्योगिक सहयोग और निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की।
✔︎ उन्होंने Mitsui & Co. और अन्य कंपनियों को नवीकरणीय ऊर्जा, आईटीसी, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिये आमंत्रित किया।
✔︎ साथ ही लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और मल्टी-मोडल नेटवर्क में सहयोग की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई।
इन बैठकों में जापानी कंपनियों को उत्तर प्रदेश के डीडीएफसी नेटवर्क, मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी विशिष्ट परियोजनाओं में निवेश के लाभ बताए गये।
🔍 जापान दौरे का उद्देश्य और महत्व
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यह यात्रा सिंगापुर में मिले ₹1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों और ₹60,000 करोड़ के एमओयू के बाद की पहली अहम पड़ाव है, जो उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने वाली है।
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मुख्यमंत्री का लक्ष्य भारत-जापान के आर्थिक और औद्योगिक साझेदारी को और गहरा करना है ताकि रोज़गार, टेक्नोलॉजी और उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
साथ ही, योगी आदित्यनाथ टोक्यो में निवेश रोडशो में भाग लेंगे और जापानी उद्योगपतियों को उत्तर प्रदेश की रणनीतिक क्षमताओं और निवेश-सुविधाओं के बारे में विस्तृत प्रस्तुति देंगे।
📌 क्या उम्मीदें हैं?
इस दौरे से उम्मीद जताई जा रही है कि जापान जैसे विकसित राष्ट्र की तकनीकी और औद्योगिक विशेषज्ञता उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी।
विशेष रूप से:
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मोबाइल उत्पादन, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र
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उच्च तकनीकी कौशल और वैश्विक सप्लाई चेन का विस्तार
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नया निवेश, रोजगार सृजन और अर्थव्यवस्था को मजबूती देना
जापान यात्रा का यह चरण उत्तर प्रदेश के वैश्विक आर्थिक सहयोग को और विस्तार देगा और राज्य को एक अग्रणी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में योगदान करेगा।

