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CJP आंदोलन की यशस्वी राजे का बड़ा बयान, वीडियो में बोलीं- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे में नहीं दिखा पछतावा; नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को बताया 'मजाक'

CJP आंदोलन की यशस्वी राजे का बड़ा बयान, वीडियो में बोलीं- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे में नहीं दिखा पछतावा; नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को बताया 'मजाक'

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के दौरान छेड़छाड़ का दावा करने वाली यशस्वी राजे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भाषा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस्तीफे में न तो गलती स्वीकार की गई और न ही किसी तरह का पछतावा नजर आया। यशस्वी ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने के फैसले को भी निराशाजनक बताते हुए इसे "मजाक जैसा" करार दिया।

यशस्वी राजे ने ये बातें कतर के न्यूज चैनल अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में कहीं। उन्होंने कहा कि किसी पद से इस्तीफा देना तभी मायने रखता है, जब व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करे। यशस्वी ने आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे में ऐसा कोई भाव नहीं दिखा।

उन्होंने कहा, "धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भाषा देखिए। उन्होंने न तो अपनी गलती मानी और न उन्हें कोई पछतावा है। बल्कि उन्होंने खुद को पीड़ित या शहीद की तरह दिखाने की कोशिश की है।" उन्होंने आगे कहा कि इस्तीफे को बड़ी जीत मानना गलत सोच को दर्शाता है।शिक्षा मंत्रालय में बदलाव को लेकर भी यशस्वी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "अब जिस व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बनाया गया है, उसे देखकर निराशा होती है। यह फैसला किसी मजाक जैसा लगता है।" हालांकि उन्होंने अपने बयान में नए शिक्षा मंत्री को लेकर विस्तार से कोई टिप्पणी नहीं की।

यशस्वी राजे ने अपने व्यक्तिगत जीवन और स्वतंत्रता को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हैं और पिछले साढ़े तीन साल से भारत में अकेले रह रही हैं। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से अपने गृह जिले फतेहपुर नहीं गई हैं।उन्होंने कहा, "मुझे जो कुछ कहना होता है, कहती हूं। दोगली बातें नहीं करती।" यशस्वी ने दावा किया कि वह अपने विचार खुलकर रखने में विश्वास करती हैं और किसी दबाव में बयान नहीं देतीं।

गौरतलब है कि यशस्वी राजे उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सिंह की बेटी हैं। वह पेशे से मॉडल हैं और दिल्ली में रहती हैं। जंतर-मंतर पर हुए CJP आंदोलन के दौरान उनके लगाए गए आरोपों के बाद वह चर्चा में आई थीं।उनके ताजा बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। जहां यशस्वी ने सरकार और पूर्व शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाए हैं, वहीं उनके बयानों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। संसद और राजनीतिक मंचों पर शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव को लेकर पहले से जारी चर्चाओं के बीच यह बयान नया विवाद खड़ा कर सकता है।

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