गोरखपुर में CISF जवान की हत्या कर फेंकी गई लाश, तिरंगे में लिपटा शव आया; पत्नी बोली- बेटी से बात करना चाहते थे
गोरखपुर में छुट्टी लेकर घर लौट रहे CISF जवान परमबीर यादव की हत्या कर शव फेंकने का मामला सामने आया है। जवान का शव कालेसर जीरो प्वाइंट के पास बोक्टा-बरवार बांध के किनारे मिला था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई है। इसके बाद गीडा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
परमबीर यादव झारखंड के धनबाद में CISF में तैनात थे। वह छुट्टी लेकर अपने गांव लौट रहे थे। रविवार रात पुलिस को बांध के किनारे एक व्यक्ति के घायल अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने जेब से मिले CISF पहचान पत्र के आधार पर जवान की पहचान की और परिजनों को सूचना दी। पोस्टमॉर्टम के दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जवान के साथ रास्ते में क्या हुआ और हत्या के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
घर पहुंचने से पहले बेटी से बात करना चाहते थे
जवान की पत्नी प्रतिमा यादव ने बताया कि घर के लिए निकलने से पहले परमबीर ने फोन किया था। उन्होंने बेटी रिया से बात कराने के लिए कहा था, लेकिन उस समय बेटी सो रही थी। पत्नी ने बताया कि इसके बाद उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह पति से आखिरी बातचीत होगी।
प्रतिमा के मुताबिक, रविवार रात उन्होंने पति के मोबाइल पर करीब 55 बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में देवर के जरिए उन्हें परमबीर के अस्पताल में होने की जानकारी मिली। परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे तो वहां जवान का शव देखकर कोहराम मच गया।
तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा शव
पोस्टमॉर्टम के बाद परमबीर यादव का शव तिरंगे में लपेटकर परिजनों को सौंपा गया। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। शव घर पहुंचते ही परिवार और गांव में मातम छा गया। पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पिता ने जवान को मुखाग्नि दी।
CCTV और वाहन की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस अब जवान के धनबाद से घर के लिए निकलने के बाद पूरे रास्ते की जानकारी जुटा रही है। जिस वाहन से वह आगे की यात्रा कर रहे थे, उसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है। कालेसर और आसपास के टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस जवान के संपर्क में रहे लोगों और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। फिलहाल हत्या की वजह और आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

