फतेहपुर में बच्चों का सेप्टिक टैंक में डूबकर निधन, मां ने पड़ोसी पर लगाया आरोप
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बड़नपुर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें दो छोटे बच्चों की खेलते समय मौत हो गई। छह वर्षीय शिवांसी और पांच वर्षीय सुंदरम पड़ोसी के निर्माणाधीन मकान में बने खुले सेप्टिक टैंक में गिर गए। घटना के बाद देर रात बच्चों को मृत पाया गया, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया।
घटना के समय बच्चों के खेलते हुए पड़ोसी के निर्माणाधीन मकान में जाने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों ने बताया कि टैंक पूरी तरह खुला था और सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। इससे पहले भी बच्चों और आसपास के लोगों को चेतावनी देने की जरूरत थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
मृतक शिवांसी की मां ने पड़ोसी पर आरोप लगाया कि उनके बच्चों को धक्का दिया गया, जिससे वे टैंक में गिर गए। उन्होंने कहा कि यदि निर्माणाधीन मकान और टैंक की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया होता, तो यह दुखद घटना टली जा सकती थी।
हालांकि पुलिस ने प्राथमिक जानकारी के आधार पर इसे दुर्घटना माना है। अधिकारी बता रहे हैं कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के सटीक कारण का पता चल सकेगा। पुलिस ने कहा कि वह घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय पुलिस ने यह भी बताया कि निर्माणाधीन मकानों और खुले सेप्टिक टैंक जैसी जगहों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होना इस हादसे का प्रमुख कारण हो सकता है। पुलिस और प्रशासन ने गांव में ऐसे जगहों की सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
गांव के लोग भी हादसे से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर माता-पिता और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस से आग्रह किया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक नियम लागू किए जाएं।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए खेल का क्षेत्र सुरक्षित होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि निर्माणाधीन मकानों और खुले टैंकों के आसपास बाड़ और चेतावनी संकेत लगाना जरूरी है। इसके अलावा, बच्चों की निगरानी के लिए परिवार और स्थानीय लोग सतर्क रहें।
कुल मिलाकर, फतेहपुर के बड़नपुर गांव में शिवांसी और सुंदरम की सेप्टिक टैंक में डूबकर मौत ने पूरे इलाके को शोक और चिंता में डाल दिया है। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हादसे के पूरे कारण और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई स्पष्ट होगी।

