उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला कारागार में बंद मुस्कान के व्यवहार में इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जेल सूत्रों के अनुसार, वह पहले की तुलना में अधिक शांत और धार्मिक गतिविधियों में रुचि लेती नजर आ रही है।
बताया जा रहा है कि मुस्कान अब अन्य महिला बंदियों से बातचीत के दौरान अक्सर आध्यात्मिक बातें करती है। वह कहती है कि “दुनियादारी सब मोह-माया है और इंसान का असली सहारा सिर्फ ईश्वर है।” उसके इस बदलते व्यवहार ने जेल प्रशासन का भी ध्यान खींचा है।
सूत्रों के मुताबिक, मुस्कान अपना अधिकांश समय भक्ति और साधना में व्यतीत कर रही है। वह प्रतिदिन लगभग सात घंटे तक भजन, पूजा-पाठ और धार्मिक चिंतन में लगी रहती है। साथ ही वह भजनमाला, सत्संग और धार्मिक चर्चाओं में भी सक्रिय रूप से भाग ले रही है।
जेल के अंदर अन्य महिला बंदियों के साथ भी उसका व्यवहार पहले की तुलना में शांत और सहयोगात्मक बताया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि बंदियों के मानसिक और सामाजिक सुधार के लिए जेल में विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, जिनमें वह नियमित रूप से शामिल हो रही है।
हालांकि, जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बंदियों के आचरण और गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जाती है और सभी गतिविधियां नियमों के दायरे में ही संचालित होती हैं।
कुल मिलाकर, मुस्कान के व्यवहार में आया यह बदलाव जेल परिसर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां वह अब आध्यात्मिक जीवन की ओर झुकाव दिखा रही है।

