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चंद्रशेखर आजाद का बड़ा दावा: 'फार्म हाउस में मेरी हत्या की साजिश रची गई', गाड़ी में आग लगाने की कोशिश का आरोप

चंद्रशेखर आजाद का बड़ा दावा: 'फार्म हाउस में मेरी हत्या की साजिश रची गई', गाड़ी में आग लगाने की कोशिश का आरोप

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि फार्म हाउस में हत्या की योजना बनाई गई और बाराबंकी में उनके काफिले की गाड़ी में आग लगाने की कोशिश हुई।

आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ साथियों के जरिए जानकारी मिली है कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की योजना बनाई गई थी। चंद्रशेखर आजाद ने अपने बयान में कहा कि उनके पास इस संबंध में जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

चंद्रशेखर आजाद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में बाराबंकी में उनके काफिले को रोके जाने के बाद विवाद की स्थिति बनी थी। वह गोंडा में मारे गए कारोबारी विनोद साहनी के परिवार से मिलने जा रहे थे। बाराबंकी में पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया था। इस दौरान पुलिस और उनके समर्थकों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति सामने आई थी। बाद में उनके काफिले पर पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचने के आरोप भी लगाए गए।

सांसद ने आरोप लगाया कि उनके काफिले की गाड़ी में आग लगाने की भी कोशिश की गई। उनके मुताबिक, कुछ लोगों के पास पेट्रोल या डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलें थीं। उन्होंने कहा कि इन चीजों का इस्तेमाल गाड़ियों में आग लगाने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, हत्या की कथित साजिश और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि वह अपनी हत्या की कथित साजिश और बाराबंकी की घटना को लेकर सरकार से जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच के जरिए यह सामने आना चाहिए कि फार्म हाउस में कथित तौर पर क्या योजना बनाई गई थी और इसमें कौन लोग शामिल थे। उन्होंने बाराबंकी की घटना में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।

अपने बयान में सांसद ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा प्राप्त एक निर्वाचित सांसद के काफिले के साथ इस तरह की घटना होती है तो मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की।

इस बीच, सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर आजाद के घायल होने की कुछ तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। एक फैक्ट-चेक में इन तस्वीरों को एडिटेड और भ्रामक पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद घायल नहीं हुए थे और सुरक्षित थे।

फिलहाल चंद्रशेखर आजाद की ओर से लगाए गए हत्या की साजिश के आरोपों की जांच को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। सांसद ने सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनके दावों के पीछे क्या तथ्य हैं और बाराबंकी की घटना में वास्तव में क्या हुआ था।

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