बुलंदशहर के सिकंदराबाद एक्सईएन निलंबित, 6000 KVA कनेक्शन आवेदन में लगाई थीं अनावश्यक आपत्तियां
बुलंदशहर के सिकंदराबाद विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) पर बड़ी कार्रवाई हुई है। 6000 KVA बिजली कनेक्शन के आवेदन में अनावश्यक आपत्तियां लगाने के मामले में एक्सईएन को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
आरोप है कि सिकंदराबाद के एक्सईएन ने कनेक्शन प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखा और आवेदक को परेशान करने वाली आपत्तियां लगाईं। मामले की शिकायत मिलने के बाद उच्च अधिकारियों ने इसकी जांच कराई, जिसमें लापरवाही सामने आने पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
6000 KVA कनेक्शन आवेदन में बरती गई लापरवाही
जानकारी के अनुसार, एक उपभोक्ता ने 6000 KVA क्षमता के विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। इस आवेदन की प्रक्रिया के दौरान कई ऐसी आपत्तियां लगाई गईं, जिन्हें विभागीय जांच में अनावश्यक माना गया।
आवेदन को समय पर निस्तारित नहीं किए जाने और प्रक्रिया में देरी को लेकर शिकायत की गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के बाद हुई कार्रवाई
विभागीय अधिकारियों ने मामले की जांच में पाया कि कनेक्शन आवेदन के निस्तारण में निर्धारित प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर सिकंदराबाद के एक्सईएन को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया।
अधिकारियों का कहना है कि विद्युत विभाग में उपभोक्ता सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की ओर से लापरवाही या अनावश्यक देरी किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ता सेवाओं को लेकर सख्ती
विद्युत विभाग लगातार यह प्रयास कर रहा है कि नए कनेक्शन और अन्य सेवाओं से जुड़े मामलों का निस्तारण तय समय सीमा में किया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान न किया जाए और नियमों के अनुसार कार्यवाही की जाए।
सिकंदराबाद एक्सईएन पर हुई कार्रवाई को विभाग में जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी शिकायतों और कार्यप्रणाली में लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल निलंबन के बाद मामले की आगे की विभागीय प्रक्रिया जारी रहेगी। इस कार्रवाई से विद्युत विभाग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी कार्यप्रणाली में सुधार का संदेश दिया गया है।

