उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के एक गांव में दोपहर के समय अचानक डमरू की आवाज गूंजने लगी, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, आवाज का कारण किसी उत्सव या साधु का डमरू नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक दरिंदा छिपा हुआ था। इस दरिंदे ने गांव की पाँच साल की मासूम बच्ची को मिठाई का लालच देकर सुनसान जगह पर ले गया। इसके बाद उसने बच्ची के साथ ऐसा कृत्य किया जो मानवता की सारी हदें पार कर गया।
घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण बच्ची की मौजूदगी के लिए चिंतित हो गए और उसकी तलाश में जुट गए। सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित स्थान पर लाया और आरोपी की तलाश में जुट गई। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि आरोपी ने मासूम को लुभाने और डराने के तरीके अपनाए, जिससे उसने किसी को तुरंत घटना की जानकारी नहीं दी।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में अत्यंत खतरनाक संकेत देती हैं और इससे न केवल परिवार प्रभावित होता है, बल्कि पूरे गांव और समुदाय में सुरक्षा की भावना कमजोर होती है। उन्होंने अपील की कि ऐसे मामलों में न केवल त्वरित कानूनी कार्रवाई, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षा उपाय और जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी और बच्ची के साथ हुए अपराध के लिए कानूनी कार्रवाई तेज़ी से की जाएगी। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से भी अपील की कि वे इस दौरान शांत और सहयोगी बने रहें।
घटना ने यह संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षा और सतर्कता में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवारों को बच्चों को अजनबियों से सावधान रहने और किसी भी तरह की लुभावनी चीज़ों या मिठाई के पीछे न जाने की सीख देना आवश्यक है।
समाजशास्त्रियों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से सामाजिक जागरूकता और कानून व्यवस्था पर भी प्रश्न उठते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा उपायों और पुलिस निगरानी को बढ़ाना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे दरिंदों को अपराध करने से पहले पकड़ा जा सके।
कुल मिलाकर, बस्ती जिले की यह घटना मनुष्यता और सुरक्षा दोनों के लिए चेतावनी साबित हुई है। मासूम बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आरोपी को कानून के दायरे में लाना अब प्राथमिकता बन गई है।

