सड़कों पर गूंजा ‘बोल बम’: सावन शुरू होते ही कांवड़ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, भगवा रंग में रंगे शिवभक्त
भगवान शिव के प्रिय सावन माह की शुरुआत के साथ ही देशभर में कांवड़ यात्रा का आगाज हो गया है। गुरुवार से लाखों-करोड़ों शिवभक्त कांवड़ लेकर गंगा जल भरने के लिए अपने-अपने गंतव्यों की ओर निकल पड़े हैं। सड़कों पर भगवा वस्त्र पहने श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। कंधों पर कांवड़ और जुबान पर ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ शिवभक्त भक्ति में लीन दिखाई दे रहे हैं। सावन के पहले दिन से ही हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य प्रमुख तीर्थ स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों पर कांवड़ियों की भीड़ बढ़ने लगी है। शिवभक्त पैदल यात्रा कर पवित्र गंगा जल लेकर लौटेंगे और सावन के विशेष दिनों में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
भगवा रंग में रंगे नजर आए रास्ते
कांवड़ यात्रा के दौरान पूरा माहौल शिवमय हो गया है। गह-जगह शिविर लगाए गए हैं, जहां कांवड़ियों के लिए भोजन, पानी और आराम की व्यवस्था की जा रही है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी श्रद्धालुओं की सेवा के लिए इंतजाम किए हैं। कांवड़ियों के जत्थे ढोल-नगाड़ों और भोलेनाथ के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। छोटे-बड़े शहरों और गांवों से होकर गुजरने वाली कांवड़ यात्राओं में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने लायक है।
प्रशासन ने किए सुरक्षा के इंतजाम
कांवड़ यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई जगह रूट डायवर्जन भी किए गए हैं।प्रशासन की ओर से कांवड़ियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी यात्रा पूरी करें।
सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।कांवड़ यात्रा इसी आस्था और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है। लाखों श्रद्धालु कठिन यात्रा कर गंगा जल लाते हैं और अपने आराध्य भगवान भोलेनाथ को अर्पित करते हैं।सावन शुरू होते ही देशभर में भक्ति और आस्था का माहौल बन गया है। हर तरफ गूंज रहे ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारे शिवभक्तों की श्रद्धा और उत्साह को दर्शा रहे हैं।

