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लखनऊ के विभूतिखंड थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, दुकानदार पर कार्रवाई को लेकर पुलिस से नाराजगी

लखनऊ के विभूतिखंड थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, दुकानदार पर कार्रवाई को लेकर पुलिस से नाराजगी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विभूतिखंड थाने पर रविवार को भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की जा रही है और उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं हो रही। इस दौरान थाने पर घेराव और नारेबाजी भी की गई।

दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर विवाद

मामले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी दुकानदार के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई से जुड़ी बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई में उनके पक्ष को उचित तरीके से नहीं सुना जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की जा रही है।

प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और शिकायतों पर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

थाने पर पहुंचे भाजपा नेता और पार्षद

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन में भाजपा पार्षद शैलेंद्र वर्मा, नगर निगम के पूर्व भाजपा पार्षद दल नेता रामकृष्ण यादव, पार्षद हरीश अवस्थी और पूर्व पार्षद मनोज अवस्थी सहित अन्य नेता शामिल हुए। नेताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में धरना दिया और संबंधित कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। थाने पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद मामले ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का रूप ले लिया।

निष्पक्ष जांच की मांग

भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच कर दोनों पक्षों की बात सुनी जानी चाहिए। वहीं, घटना से जुड़े आरोपों और पुलिस की कार्रवाई की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, उपलब्ध रिपोर्ट में दुकानदार के साथ हुए विवाद का पूरा विवरण और पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले में लगाए गए आरोपों को संबंधित पक्षों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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