भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हंगामे को लोकतंत्र विरोधी बताया
उत्तर प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने के दौरान हुए हंगामे पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है।
पंकज चौधरी ने कहा कि बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय किया गया विरोध लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह का व्यवहार न केवल संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता का विश्वास भी कमजोर करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद में बहस और मतभेद संसदीय मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए। किसी भी लोकतांत्रिक संस्था में विरोध और चर्चा की स्वतंत्रता होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान शोर-शराबा किया जाए।
पंकज चौधरी ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका यह व्यवहार केवल राजनीतिक प्रदर्शन है और इससे जनता और लोकतंत्र के मूल्यों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा हमेशा संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करती है और ऐसे हंगामों की निंदा करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संसद में इस तरह की घटनाएं न केवल राजनीतिक मतभेदों को उजागर करती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति राजनीतिक दलों की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी कितनी है।
इस घटना ने राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा को जन्म दिया है और राजनीतिक विश्लेषक इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं की परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।

