कानपुर किडनी रैकेट में बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड रोहित तिवारी ने बताई पूरी साजिश, वीडियो में देंखे “कमांडो सर्जरी” कोडवर्ड का इस्तेमाल
Kanpur में सामने आए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड रोहित तिवारी ने पूछताछ में बताया कि वह लंबे समय से संगठित तरीके से इस अवैध धंधे को संचालित कर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने स्वीकार किया है कि वह एक किडनी ट्रांसप्लांट केस को करीब 25 से 30 लाख रुपये में “ठेके” की तरह संभालता था। इस रकम में डोनर और रिसिपिएंट की व्यवस्था से लेकर ऑपरेशन तक की पूरी प्लानिंग शामिल होती थी।
🧬 एजेंट नेटवर्क के जरिए चलता था पूरा खेल
रोहित तिवारी ने पूछताछ में बताया कि उसके पास एक बड़ा एजेंट नेटवर्क था, जो देश के अलग-अलग हिस्सों से केस लाकर देता था। यह नेटवर्क Delhi, Mumbai, Prayagraj और Meerut समेत कई शहरों में फैला हुआ था।इन एजेंटों की जिम्मेदारी होती थी कि वे अवैध तरीके से डोनर और मरीज (रिसिपिएंट) की व्यवस्था करें और केस को आगे बढ़ाएं। इसके बाद रोहित तय करता था कि ऑपरेशन किस अस्पताल में और किस जगह कराया जाएगा।
🔐 “कमांडो सर्जरी” कोडवर्ड से चलता था नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि बातचीत के दौरान किसी को शक न हो, इसके लिए इस पूरे रैकेट में एक कोडवर्ड “कमांडो सर्जरी” का इस्तेमाल किया जाता था। इसी शब्द के जरिए किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े सौदे और डील्स की बातचीत की जाती थी।पुलिस का कहना है कि यह कोडवर्ड इस्तेमाल करके आरोपी और उसके साथी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजरों से बचने की कोशिश करते थे।
🚓 पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने जांच के बाद रोहित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे लंबी पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
⚠️ बड़े स्तर पर जांच जारी
पुलिस अब इस पूरे रैकेट से जुड़े मेडिकल संस्थानों, एजेंटों और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शंस की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क हो सकता है, जिसमें कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।

