अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा, CCTV में 70 नहीं 105 घटनाएं कैद, सुप्रीम कोर्ट में SIT ने दी जांच की जानकारी
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की कथित चोरी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर बताया कि मंदिर के CCTV फुटेज में चोरी की 70 नहीं, बल्कि 105 घटनाएं कैद हुई हैं। उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। टीम ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की है।
SIT ने CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच की
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि SIT ने मामले से जुड़े CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूतों की जांच की है। जांच के दौरान कथित चढ़ावा चोरी की घटनाओं की पहचान की गई और आरोपियों को चिन्हित किया गया है।SIT की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, जांच लगभग पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने जांच की प्रगति से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर से तैयार
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान के प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं।इसके अलावा, सामान को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लॉकर में रखा जाता है। जांच में इन प्रक्रियाओं से जुड़े पहलुओं को भी देखा गया है।
पहले 70 संदिग्ध घटनाओं की बात आई थी
इस मामले में इससे पहले 23 जून को पहली SIT ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच मंदिर के CCTV कैमरों में लगभग 70 संदिग्ध घटनाएं कैद हुई थीं।अब सुप्रीम कोर्ट में दी गई जानकारी के मुताबिक, CCTV फुटेज की विस्तृत जांच के बाद ऐसी घटनाओं की संख्या 105 बताई गई है। इससे मामले की जांच का दायरा पहले सामने आई जानकारी से अधिक होने का संकेत मिलता है।
सुप्रीम कोर्ट ने SIT की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर ली
सोमवार को सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने जांच की प्रगति से संबंधित जानकारी कोर्ट के सामने रखी। उन्होंने SIT की स्टेटस रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि जांच अंतिम चरण में है।सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और संबंधित तथ्यों के आधार पर होगी।

