अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा खुलासा, हत्या से पहले रेकी और बाहर से हथियार मंगाने की बात सामने आई
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के मामले की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण ने मामले को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने से पहले अंकित बालियान की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई थी। पुलिस को आशंका है कि हमलावरों ने हत्या से पहले उनकी गतिविधियों और आने-जाने से जुड़ी जानकारी हासिल की थी।
डीजीपी के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी पता चला है कि वारदात में शामिल शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए गए थे। इससे संकेत मिल रहा है कि हत्या की साजिश को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि शूटरों तक हथियार किस माध्यम से पहुंचाए गए और इस पूरी व्यवस्था के पीछे कौन लोग शामिल थे।
हत्या से पहले जुटाई गई जानकारी
जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, अंकित बालियान की हत्या अचानक हुई वारदात नहीं थी। हमलावरों ने कथित तौर पर पहले उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और उनके बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह जानकारी किसने उपलब्ध कराई और हत्यारों तक अंकित से जुड़ी कौन-कौन सी जानकारियां पहुंचाई गई थीं।
पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि अंकित की रेकी करने वाले लोग कौन थे और उन्होंने कितने समय तक उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। जांच एजेंसियां घटनाक्रम से जुड़े लोगों और संभावित संपर्कों की जानकारी भी जुटा रही हैं।
बाहर से पहुंचे थे हथियार
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि जांच में शूटरों को बाहर से हथियार उपलब्ध कराए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब हथियारों के स्रोत और उन्हें शूटरों तक पहुंचाने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है।
किसी हत्या की साजिश में हथियार उपलब्ध कराने वाला नेटवर्क महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार कहां से आए, किसने उपलब्ध कराए और इसके पीछे किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका थी या नहीं।
साजिश के पीछे कौन?
अंकित बालियान की हत्या के बाद से ही पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल वारदात के पीछे की वजह और साजिशकर्ताओं की पहचान का है। पुलिस अब शूटरों के साथ-साथ उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाने, रेकी कराने या हथियार उपलब्ध कराने में मदद की।
जांच एजेंसियां वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों को जोड़कर पूरी कड़ी तैयार करने में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी, आपराधिक विवाद था या कोई अन्य कारण।
पुलिस की जांच जारी
डीजीपी के खुलासे के बाद मामले में एक नई तस्वीर सामने आई है। अब जांच सिर्फ वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों तक सीमित नहीं है, बल्कि हत्या से पहले की रेकी और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों तक भी पहुंच रही है।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है। अंकित बालियान हत्याकांड में रेकी और बाहर से हथियार उपलब्ध कराने का खुलासा पुलिस के लिए अहम कड़ी माना जा रहा है।

