समिट बिल्डिंग में बड़ा फर्जीवाड़ा: नीचे पुलिस चौकी, ऊपर चल रहा था नकली कॉल सेंटर, हवाला नेटवर्क का खुलासा
एक चौंकाने वाले मामले में समिट बिल्डिंग में नीचे पुलिस चौकी संचालित होने के बावजूद ऊपर एक फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को भी इस अवैध गतिविधि की भनक करीब सात महीने तक नहीं लग सकी।
सूत्रों के अनुसार, इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और अवैध वित्तीय लेन-देन का खेल चल रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ठगी से अर्जित धन को हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेशों से भारत में ट्रांसफर किया जाता था।
बताया जा रहा है कि कॉल सेंटर के कर्मचारी खुद को विभिन्न कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे और बैंक डिटेल्स, ओटीपी तथा अन्य गोपनीय जानकारी हासिल कर ठगी को अंजाम देते थे।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस बिल्डिंग में यह पूरा खेल चल रहा था, उसी के निचले हिस्से में पुलिस चौकी भी मौजूद थी। इसके बावजूद लंबे समय तक इस अवैध गतिविधि का पता नहीं चल सका, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जैसे ही मामले का खुलासा हुआ, संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। पुलिस और साइबर सेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और कॉल सेंटर से जुड़े दस्तावेजों व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की पोल खोलकर रख दी है।

