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अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर बड़ा आरोप, बड़े भाई ने लगाया फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र से नौकरी पाने का आरोप

अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर बड़ा आरोप, बड़े भाई ने लगाया फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र से नौकरी पाने का आरोप

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह की नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इस्तीफा देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में मुखर रहने वाले प्रशांत कुमार सिंह पर अब फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने का आरोप लगाया गया है।

यह आरोप किसी और ने नहीं बल्कि उनके स्वयं के बड़े भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने लगाया है। परिवार के भीतर उठे इस गंभीर आरोप ने प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे और उनके राजनीतिक समर्थन को नई संवेदनशीलता दे दी है।

सूत्रों के अनुसार, डॉ. विश्वजीत सिंह का कहना है कि प्रशांत कुमार सिंह ने सरकारी नौकरी पाते समय दिव्यांग प्रमाणपत्र में गड़बड़ी की और इसे आधार बनाकर नौकरी हासिल की। हालांकि, इस मामले की अभी तक सरकारी या न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्रशांत कुमार सिंह ने अभी तक इस आरोप पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। लेकिन उनका इस्तीफा और भावुकता से जुड़ा सोशल मीडिया वीडियो देखते हुए कई लोग इसे पहले से ही राजनीतिक और भावनात्मक निर्णय के तौर पर देख रहे थे। अब इस आरोप ने मामला और विवादास्पद बना दिया है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जांच आवश्यक है, और जांच का उद्देश्य सच्चाई का पता लगाना है। उन्होंने बताया कि इस मामले में किसी भी निष्पक्ष जांच और दस्तावेजों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार के भीतर सामने आए आरोप हमेशा मामले को संवेदनशील बना देते हैं। यह न केवल प्रशांत कुमार सिंह की छवि पर असर डाल सकता है, बल्कि विभागीय और राजनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकता है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस्तीफे और उसके बाद की भावनात्मक प्रतिक्रिया, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अब यह आरोप—तीनों मिलकर प्रशांत कुमार सिंह के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे मामलों में सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण कदम होती है।

डॉ. विश्वजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह केवल सच्चाई सामने लाना चाहते हैं और चाहते हैं कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो। उन्होंने यह भी कहा कि परिवारिक मतभेद और प्रशासनिक जिम्मेदारी को अलग रखा जाना चाहिए।

अयोध्या प्रशासन ने फिलहाल इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन कहा गया है कि जांच के लिए संबंधित दस्तावेज और प्रमाण जुटाए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर लगा यह आरोप उनके इस्तीफे और राजनीतिक समर्थन की पृष्ठभूमि में सार्वजनिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि जांच प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ती है और क्या आरोप साबित होते हैं या नहीं।

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