बलिया में मिड-डे मील मामले में बड़ा एक्शन, बच्चों को हाथ में परोसी गई रोटी-सब्जी पर विभाग ने शुरू की कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मिड-डे मील योजना में लापरवाही का मामला सामने आने के बाद अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बेल्थरारोड क्षेत्र के पलिया कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को थाली की जगह हाथों में रोटी-सब्जी देकर भोजन कराने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। विभागीय जांच के बाद यह मामला अब बड़े प्रशासनिक एक्शन तक पहुंच गया है।
जानकारी के मुताबिक, विद्यालय में बच्चों को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) परोसने के दौरान नियमों की अनदेखी की गई। वायरल तस्वीरों और शिकायतों के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मिड-डे मील योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। योजना के तहत बच्चों को भोजन साफ-सफाई और निर्धारित मानकों के अनुसार परोसा जाना चाहिए। लेकिन पलिया कंपोजिट विद्यालय में बच्चों को थाली उपलब्ध न कराकर हाथों में ही रोटी-सब्जी देने की घटना ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों से जानकारी ली। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं और सम्मानजनक माहौल मिलना चाहिए। मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना में इस तरह की लापरवाही बच्चों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ है।
विभागीय अधिकारियों ने स्कूल प्रशासन को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी विद्यालयों में मिड-डे मील व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने की बात कही गई है।
फिलहाल पलिया कंपोजिट विद्यालय का यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

