बाराबंकी: किसान नेता राधा रमन वर्मा के विवादित वीडियो के बाद बीकेयू भानू गुट ने कार्यकारिणी भंग की
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) भानू गुट के जिलाध्यक्ष राधा रमन वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद संगठन में हलचल मच गई है। लगभग 46 सेकंड के इस वीडियो में किसान नेता कार में बैठे दिखाई दे रहे हैं और किसी व्यक्ति से एक महिला के साथ अनैतिक संबंधों का जिक्र कर रहे हैं।
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेज़ हो गईं। कई लोगों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए संगठन और नेता दोनों पर सवाल उठाए। वीडियो में कथित तौर पर किए गए बयान ने बीकेयू भानू गुट की साख और प्रतिष्ठा पर भी प्रभाव डाला।
संगठन की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के कुछ ही समय बाद संगठन ने कड़ा कदम उठाया। अयोध्या मंडल और बाराबंकी जिले की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया गया। संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि यह निर्णय संगठन की प्रतिष्ठा और अनुशासन बनाए रखने के लिए लिया गया है।
बीकेयू के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी नेता या सदस्य द्वारा अनुचित व्यवहार और विवादास्पद बयान संगठन की नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा और आगे भी संगठन की शुद्धता और अनुशासन बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने जनता में हलचल पैदा कर दी है। कई यूजर्स ने वीडियो पर नाराजगी जताई और नेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कुछ लोग इस घटना को किसानों के आंदोलन और संगठन की साख के लिए खतरे के रूप में देख रहे हैं। वहीं, अन्य लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो की सच्चाई और संदर्भ को जांचे बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
राजनीतिक और सामाजिक असर
बीकेयू जैसे किसान संगठनों में इस तरह के विवादित मामलों से संगठन की साख और जनता के विश्वास पर असर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में संगठन को तुरंत सक्षम और पारदर्शी कार्रवाई करना जरूरी होता है, ताकि विवाद और संगठन के भीतर असंतोष को रोका जा सके।

