अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, CCTV में 70 संदिग्ध घटनाएं कैद
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की प्राथमिक रिपोर्ट सामने आ गई है। रिपोर्ट में मंदिर परिसर के CCTV फुटेज के आधार पर कई अहम खुलासे किए गए हैं। जांच के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच करीब 70 संदिग्ध घटनाएं कैमरों में कैद हुईं।
SIT की रिपोर्ट ट्रस्ट की बैठक और चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद सोमवार रात करीब 9 बजे सामने आई। रिपोर्ट में पुलिस की गिरफ्त में आए 8 आरोपियों की गतिविधियों का भी जिक्र किया गया है।
CCTV में नोटों की गड्डियां छिपाते दिखे आरोपी
SIT के मुताबिक, CCTV फुटेज में गिरफ्तार किए गए 8 आरोपी नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए नजर आए। जांच टीम ने फुटेज, बरामदगी और बैंक खातों की जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने का दावा किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ कर्मचारियों ने चढ़ावे की रकम की गिनती और जमा प्रक्रिया में सेंध लगाई।
अनिल मिश्रा पर सिस्टम में लापरवाही का आरोप
SIT ने पूर्व ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पहले से तय तलाशी व्यवस्था में मौजूद खामियों और लूपहोल्स के लिए अनिल मिश्रा को जिम्मेदार माना गया है। जांच टीम का कहना है कि सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत तरीके से लागू नहीं किया गया, जिसका फायदा उठाकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया गया।
चंपत राय के ड्राइवर पर भी उठे सवाल
SIT रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, टिन्नू बिना किसी आधिकारिक आदेश के गिनती वाले कमरे की चाबी अपने पास रखता था।इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि उसने कथित तौर पर सिफारिश कर अपने भतीजे मनीष यादव को चंदे की गिनती के काम में लगवाया था।
इन लोगों की भूमिका संदिग्ध बताई गई
SIT ने अपनी प्राथमिक जांच में कई लोगों की भूमिका को संदिग्ध माना है। इनमें शामिल हैं:
- अविनाश शुक्ला
- अनुकल्प मिश्रा
- लवकुश मिश्रा
- मनीष कुमार यादव
- करुणेश पाण्डेय
- रमाशंकर मिश्रा
जांच टीम के अनुसार, CCTV फुटेज, बरामद सामान और बैंक खातों की जांच में इन लोगों के खिलाफ शुरुआती स्तर पर पर्याप्त सबूत मिले हैं।
आगे की जांच जारी
SIT की प्राथमिक रिपोर्ट के बाद अब मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां CCTV फुटेज, आर्थिक लेन-देन और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।

