अयोध्या: गैंगरेप केस में बरी, फिर क्यों जेल की सलाखों के पीछे बंद मोईद खान? ये है बड़ी वजह
अयोध्या के बदनाम भद्रसा गैंगरेप केस में मुख्य आरोपी मोईद खान को कोर्ट ने भले ही बरी कर दिया हो, लेकिन उसे अभी भी जेल में रहना होगा। 29 जुलाई 2024 को मोईद खान और राजू खान के खिलाफ पूराकलंदर थाने में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का केस दर्ज किया गया था। 30 जुलाई को पुलिस ने मोईद खान और राजू खान को गिरफ्तार किया था और तब से वे जेल में हैं।
28 जनवरी 2026 को अयोध्या की POCSO फर्स्ट कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने गैंगरेप केस में अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने 547 दिनों तक दलीलें सुनीं। कई गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने मोईद खान को बरी कर दिया, जबकि दूसरे आरोपी राजू खान को 20 साल जेल और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि, पीड़ित पक्ष अब पूरे मामले को लेकर हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।
मोईद खान के खिलाफ कुल 3 केस दर्ज
जानकारी के मुताबिक, मोईद खान के खिलाफ अब तक कुल तीन केस दर्ज हो चुके हैं। मोईद खान के खिलाफ पहला केस 2012 में 24 और 26 अक्टूबर की शाम को हुई हिंसा के बाद पुरकलंदर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस केस में मोईद खान समेत 95 लोगों को नामजद किया था। यह केस अभी भी कोर्ट में पेंडिंग है। इसके बाद 29 जुलाई 2024 को मोईद खान के खिलाफ सेक्शन 376 (DA) और 506 (क्रिमिनल इंटिमिडेशन) के तहत एक और केस दर्ज किया गया।
खबर है कि पुरकलंदर पुलिस स्टेशन ने उसी केस के तहत मोईद खान के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एक और केस दर्ज किया था। इसका मतलब है कि 2024 में एक ही महीने में मोईद खान के खिलाफ दो केस दर्ज हुए। पहला केस नाबालिग के साथ गैंगरेप का था, जबकि दूसरा गैंगस्टर एक्ट के तहत था।
मोईद खान के वकील ने दी जानकारी
मोईद खान के वकील सईद खान ने TV9 डिजिटल को बताया कि गैंगरेप का केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने मोईद खान पर दबाव बनाने के लिए गैंगस्टर एक्ट का इस्तेमाल किया। मोईद खान गैंगरेप केस में बरी हो गया था। इसी केस के आधार पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज किया। इसलिए, मोईद खान को जल्द ही गैंगस्टर एक्ट केस में भी बेल मिल जाएगी और वह रिहा हो जाएगा। हालांकि, इस पूरी प्रोसेस में 10 से 15 दिन लग सकते हैं।

