अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रकरण: राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा ने खोला मोर्चा, आशुतोष ब्रह्मचारी पर गंभीर आरोप
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर लगाए गए आरोपों के बीच अब विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अधिवक्ता पंकज दीक्षित ने आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी पर आपराधिक इतिहास होने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पंकज दीक्षित ने एक बयान जारी कर कहा कि जिन लोगों ने शंकराचार्य पर आरोप लगाए हैं, उनकी पृष्ठभूमि और कथित आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि बिना ठोस साक्ष्यों के इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाना न केवल किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि समाज में भ्रम की स्थिति भी पैदा करता है।
राष्ट्रीय ब्राह्मण युवजन सभा की ओर से कहा गया है कि यदि किसी के पास ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें विधिक प्रक्रिया के तहत संबंधित एजेंसियों को प्रस्तुत किया जाना चाहिए। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखता है और चाहता है कि पूरे मामले की पारदर्शी व निष्पक्ष जांच हो।
हालांकि आशुतोष ब्रह्मचारी की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी तेज होती जा रही है। कुछ संगठनों ने जहां आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच की मांग की है, वहीं अन्य संगठनों ने इसे साजिश करार दिया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में आरोप और प्रत्यारोप से अलग हटकर तथ्यों के आधार पर जांच आवश्यक है। किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष ठहराने से पहले विधिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
फिलहाल मामला तूल पकड़ता जा रहा है और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सक्रियता से यह विवाद और गहरा हो गया है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी है, जो आगे की दिशा तय करेगी।

