यूपी में अगस्त की बारिश ने तोड़ा 35 साल का रिकॉर्ड, जुलाई की कमी हुई पूरी; लबालब नदियों से किसानों के चेहरे खिले
उत्तर प्रदेश में इस बार अगस्त महीने की बारिश ने मौसम के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। प्रदेश में हुई झमाझम बारिश ने 35 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। लगातार बारिश के चलते नदियां और नहरें लबालब हो गई हैं। वहीं, जुलाई में कम बारिश के कारण फसलों को लेकर चिंतित किसानों को अगस्त की बारिश ने बड़ी राहत दी है। खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है।
अगस्त में जमकर बरसे बादल
जुलाई महीने में अपेक्षा के मुताबिक बारिश नहीं होने से प्रदेश के कई इलाकों में किसान परेशान थे। कम बारिश के कारण खेतों में नमी की कमी हो रही थी और खरीफ फसलों पर भी संकट मंडराने लगा था। किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार था।
अगस्त में मौसम ने करवट ली और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर शुरू हो गया। कई जिलों में भारी बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में लगातार कई दिनों तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे जुलाई में हुई बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो गई।
नदियों और नहरों में बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश का असर प्रदेश की नदियों और नहरों पर भी दिखाई दे रहा है। कई नदियां उफान पर हैं और नहरों में भी पर्याप्त पानी पहुंच गया है। जलाशयों और तालाबों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है।
हालांकि, कई इलाकों में अत्यधिक बारिश के कारण जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी है। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है।
किसानों की चिंता हुई दूर
जुलाई में बारिश की कमी के कारण किसान खरीफ फसलों को लेकर चिंतित थे। धान, मक्का, बाजरा और अन्य फसलों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलने की आशंका बनी हुई थी। लेकिन अगस्त में हुई अच्छी बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है।
बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और फसलों को पर्याप्त पानी मिला है। जिन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए किसान बारिश पर निर्भर थे, वहां भी हालात बेहतर हुए हैं। यही वजह है कि बारिश से पहले फसलों की चिंता में डूबे किसान अब राहत महसूस कर रहे हैं।
35 साल बाद ऐसा बारिश का दौर
अगस्त में हुई बारिश को मौसम के लिहाज से असाधारण माना जा रहा है। प्रदेश में अगस्त की बारिश ने करीब 35 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बारिश की इस स्थिति ने जुलाई की कमी को भी काफी हद तक संतुलित कर दिया है।
हालांकि, मौसम विभाग की ओर से कई इलाकों में आगे भी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। ऐसे में किसानों को एक तरफ जहां अच्छी बारिश से राहत मिली है, वहीं अत्यधिक बारिश से फसलों को होने वाले नुकसान की चिंता भी बनी हुई है।
कुल मिलाकर अगस्त की बारिश ने उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए राहत की बड़ी खबर दी है। खेतों में पानी और नदियों-नहरों में बढ़ा जलस्तर खरीफ फसलों के लिए फिलहाल अनुकूल माना जा रहा है। जुलाई की बेरुखी के बाद अगस्त में बदले मौसम ने किसानों को तनाव से बाहर निकालकर उनके चेहरे पर खुशी ला दी है।

