कोडीन कफ सिरप केस में शुभम जायसवाल की पत्नी पर शिकंजा, वैशाली के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
कोडीन कफ सिरप मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, आरोपी शुभम जायसवाल के परिवार के सदस्यों पर भी जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। अब मामले में शुभम की पत्नी वैशाली की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है। कोर्ट ने वैशाली के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। जांच एजेंसियां अब उसकी तलाश में जुटी हैं।
इस मामले का मुख्य आरोपी बताया जा रहा शुभम जायसवाल फिलहाल भारत से बाहर है। जानकारी के मुताबिक वह दुबई में मौजूद है। ऐसे में जांच एजेंसियों के सामने उसकी गिरफ्तारी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। वहीं अब उसकी पत्नी के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद मामले में कार्रवाई तेज होने के संकेत हैं।
कोर्ट से जारी हुआ गिरफ्तारी वारंट
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर वैशाली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है। कोर्ट की ओर से गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद पुलिस के पास उसे गिरफ्तार करने का रास्ता साफ हो गया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कोडीन कफ सिरप की कथित सप्लाई और इससे जुड़े नेटवर्क में वैशाली की क्या भूमिका थी। उसके संपर्कों और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
हालांकि, किसी आरोपी की गिरफ्तारी का वारंट जारी होना आरोप सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे की जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की स्थिति स्पष्ट होगी।
दुबई में है शुभम जायसवाल
कोडीन कफ सिरप मामले में शुभम जायसवाल का नाम प्रमुख आरोपियों में सामने आया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक वह फिलहाल दुबई में है। उसके विदेश में होने के कारण जांच एजेंसियां उसकी गिरफ्तारी और भारत वापस लाने की प्रक्रिया को लेकर भी आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि कथित तौर पर सिरप की सप्लाई का नेटवर्क किन लोगों के जरिए संचालित किया जा रहा था। एजेंसियां आरोपियों के बीच संपर्क, लेनदेन और सप्लाई चैन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।
परिवार के अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
शुभम जायसवाल से जुड़े लोगों और उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका भी जांच एजेंसियों की नजर में है। इसी क्रम में उसकी पत्नी वैशाली के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब वारंट जारी होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क से जुड़े पैसों का लेनदेन कैसे होता था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। जरूरत पड़ने पर जांच का दायरा अन्य राज्यों या संदिग्ध संपर्कों तक भी बढ़ाया जा सकता है।
आगे बढ़ सकती है कार्रवाई
शुभम के दुबई में होने और उसकी पत्नी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद मामले में कार्रवाई महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
वैशाली की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में इस मामले से जुड़े कई और पहलुओं के सामने आने की संभावना है। वहीं शुभम जायसवाल को भारत लाने के लिए जांच एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं, इस पर भी नजर रहेगी। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही कोडीन कफ सिरप के कथित नेटवर्क में प्रत्येक आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

